नई टिहरी। ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर चल रहे ऑल वेदर परियोजना के निर्माण ने टिहरी और उत्तरकाशी जिले के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। नरेंद्रनगर और चंबा के बीच ताछला में चट्टान से हो रहे भूस्खलन से आए दिन हाईवे घंटों यातायात के लिए बाधित हो रहा है। मंगलवार दोपहर दो बजे से बंद हुआ हाईवे बुधवार सुबह आठ बजे खुला। 18 घंटे हाईवे बंद होने से करीब 150 लोगों को पूरी रात सड़क और अपने वाहनों के अंदर गुजारनी पड़ी। रातभर लोग पानी और भोजन के लिए जूझते रहे। शासन-प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली पर लोगों ने कड़ा आक्रोश जताया है।
भद्रकाली से चंबा बीच ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर पिछले एक साल से चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। ताछला भूस्खलन जोन ने टिहरी और उत्तरकाशी जिले के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ताछला में कार्यदायी संस्था की ओर से नीचे से चट्टान खोदने से ऊपरी सिरे से मलबा और पत्थर गिरने शुरू हो गए। लोगों का कहना है कि भूस्खलन जोन की चट्टान पर पहली पहाड़ी वाले हिस्से से मिट्टी हटाने का काम शुरू होना चाहिए था। चट्टान पर ब्लास्ट कर मिट्टी के टीले और पत्थरों को पूरी तरह से हटाया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है, जिससे चट्टान से बार-बार भूस्खलन होने पर हाईवे बाधित हो रहा है।
मंगलवार दोपहर दो बजे हाईवे ताछला में बाधित हो गया था, जिससे सड़क मार्ग के दोनों तरफ 100 से अधिक वाहनों में सवार लोग फंस गए थे। चंबा की ओर से ऋषिकेश, देहरादून और हरिद्वार जाने वाले लोग भले ही रात को धनोल्टी होते हुए अपने गंतव्य की ओर निकल गए थे, लेकिन ऋषिकेश से चंबा की ओर आने वाले वाहनों में सवार लोगों को रात सड़क और वाहनों में ही गुजारनी पड़ी। बुधवार सुबह आठ बजे बड़ी मुश्किल से मार्ग खुल पाया, तब जाकर वहां फंसे लोगों ने राहत की सांस ली। नरेंद्रनगर एसडीएम युक्ता मिश्रा का कहना है कि रात को पानी का टैंकर ताछला भेजा गया। लोगों को दिक्कतें जरूर आई है, लेकिन आसपास के होटल में खाने की व्यवस्था थी।