नई टिहरी। नाबालिग को भगाकर उसके साथ दुष्कर्म के दोषी अभियुक्त को विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) कुमकुम रानी की अदालत ने दस साल के कठोर कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
थाना मुनिकीरेती के अंतर्गत एक व्यक्ति ने 28 अगस्त 2015 को अपनी नाबालिग बहन की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि 25 अगस्त को उसकी बहन लापता हो गई थी। काफी खोजबीन करने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला। भाई ने पुलिस को यह भी बताया कि उनकी बहन के साथ दिल्ली निवासी विष्णु मोबाइल पर बात करता था। उन्होंने पुलिस को बहन और आरोपी का मोबाइल नंबर ट्रेस करवाकर कॉल रिकार्ड खंगालने की गुहार लगाई थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर विवेचना शुरू की। पुलिस ने दोनों मोबाइल नंबरों का कॉल रिकार्ड निकाला, तो पता चला कि दोनों के बीच लंबे समय तक बातचीत हुई थी। इस बीच पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि आरोपी विष्णु दिल्ली से हरिद्वार आ रहा है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तीन सितंबर को आरोपी को हरिद्वार बस अड्डे पर दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नाबालिग के साथ दुष्कर्म, अपहरण समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
सोमवार को विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) कुमकुम रानी की अदालत में मामले में बहस हुई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक चंद्रवीर सिंह नेगी ने कई दस्तावेज प्रस्तुत किए। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने अभियुक्त को दस साल के कठोर कारावास और दस हजार अर्थदंड की सजा सुनाई।