घनसाली (टिहरी)। पीएमजीएसवाई की लापरवाही भिलंगना ब्लॉक के ग्याहरागांव और हिंदाव पट्टी के एक दर्जन गांवों पर भारी पड़ रही है। स्वीकृति के छह साल बाद भी मैगाधार-कोट-चांजी सड़क निर्माण अधर में लटका है, जिससे आली, मुंडेती, सरूणा, कुकसियास, चौरा, करखेडी, कोट, घणातगांव, बुगाणी और चांजी गांव में निवासरत लोगों को पांच से आठ किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। जल्द ही सड़क निर्माण शुरू नहीं होने पर क्षेत्र के लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
आली, मुंडेती, सरूणा, कुकसियास, चौरा, करखेडी, कोट, घणातगांव, बुगाणी और चांजी गांव को सड़क से जोड़ने के लिए वर्ष 2012 में मैगाधार-कोट-चांजीं 11 किमी मोटर मार्ग की स्वीकृति मिली थी। लोनिवि ने मैगाधार से आली तक ढाई किमी सड़क का निर्माण कर वन भूमि आड़े आने का हवाला देते हुए आगे सड़क निर्माण करने से हाथ खड़े कर दिए थे। आठ माह पूर्व सड़क अब लोनिवि से पीएमजीएसवाई को हस्तांतरित हो चुकी है, लेकिन सड़क निर्माण शुरू नहीं होने से लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
मोटर मार्ग बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष मित्रानंद नैथानी, डा. नरेंद्र डंगवाल,सोबत लाल, प्रधान सुमन नैथानी, पुरुषोत्तम सिंह, चंदर सिंह, कर्ण सिंह, सुंदर सिंह, जमुना प्रसाद, कमल सिंह ने शीघ्र ही मैगाधार-कोट-चांजीं सड़क का निर्माण शुरू न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। पीएमजीएसवाई के ईई संजय श्रीवास्तव का कहना है कि मैगाधार-कोट-चांजीं मोटर मार्ग वन भूमि की पत्रावली अनापत्ति के लिए पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार को भेजी गई है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से स्वीकृति मिलने पर ही कार्य शुरू किया जाएगा।