नई टिहरी। सरकार सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के लिए कई घोषणाएं करती है, लेकिन घोषणाएं जमीन पर नहीं उतर पाती है। सरकार ने वर्ष 2009-10 में घनसाली में सैनिक विश्राम गृह बनाने की स्वीकृति दी थी। बावजूद 10 साल बाद भी विश्राम गृह का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है।
पूर्व सैनिक कल्याण मंत्री दिवाकर भट्ट ने वर्ष 2009-10 में टिहरी जिले के घनसाली और जामणीखाल में सैनिक विश्राम खोलने की घोषणा की थी। सरकार ने वर्ष 2013 में बजट जारी कर निर्माण की जिम्मेदारी उत्तराखंड पेयजल संसाधन एवं निर्माण निगम चंबा को सौंपी थी। कार्यदायी संस्था ने जामणीखाल विश्राम गृह लगभग बनकर तैयार कर दिया है, लेकिन घनसाली में निर्माणाधीन विश्राम गृह का निर्माण छह साल बाद भी पूरा नही हो पाया है। सरकार ने 98 लाख की डीपीआर के सापेक्ष केवल 90 लाख ही जारी किए। वर्तमान में निर्माण कार्य को पूरा करवाने में बजट की कमी आडे़ आ रही है। चूंकि निर्माण कार्य को मिले बजट में से कुछ धनराशि पुश्ता, दीवार लगाने और आपदा से भवन के ऊपर पेड़ और मलबा आने के कारण हुए नुकसान पर खर्च हो गई है। अब कार्यदायी संस्था ने निर्माण को पूरा करवाने के लिए 48 लाख का दोबारा इस्टीमेट भेज दिया है। धनराशि मिलने के बाद ही कार्य पूरा हो पाएगा। निर्माण निगम के ईई अमर ज्योति डोबरियाल का कहना है कि सैनिक विश्राम गृह के अवशेष निर्माण को पूरा करवाने के लिए 48 लाख की जरूरत है। उक्त धनराशि हेतु शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। धनराशि मिलते ही निर्माण कार्य पूरा करवाया जाएगा।