नई टिहरी/घनसाली। मौसम की दूसरी बर्फबारी से जिलेभर के ऊंचाई वाले स्थानों में जमकर हिमपात हुआ। बर्फबारी से किसानों के चेहरे खिल उठे। वहीं बर्फबारी से कड़ाके की ठंड भी बढ़ गई।
शनिवार रात को हुई के बाद भिलंगना ब्लॉक के दूरस्थ सीमांत गांव गंगी, पिंसवाड़, चिरबटिया, घुत्तू, गेंवाली में जमकर बर्फबारी हुई। गंगी के प्रधान नैन सिंह ने बताया कि रविवार सुबह तक गांव में करीब तीन फीट बर्फ गिरी। इधर, धनोल्टी, बुरांशखंडा, काणाताल, ठांगधार, जड़ीपानी में भी हल्की बर्फबारी का पर्यटकों ने लुत्फ उठाया। वहीं प्रतापनगर, सेम-मुखेम, खिट्टा, केमुंडाखाल में भी जमकर हिमपात हुआ। वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी के मौसम तकनीकी अधिकारी प्रकाश नेगी ने बताया कि अगले सप्ताह में जिले में मौसम खराब रहेगा। ऊंचाई वाले स्थानों पर हिमपात की संभावनाएं हैं। बताया कि बर्फबारी से मटर, आलू, गेहूं, जौ, मसूर, गोभी, ब्रोकली, सरसों और सेब आदि के लिए काफी फायदेमंद है। रविवार को जिला मुख्यालय नई टिहरी में अधिकतम तापमान 10 डिग्री और न्यूनतम 2 डिग्री दर्ज किया गया। पालिका ने ठंड से बचने के लिए शहरभर में अलाव की व्यवस्थाएं की है।
गेहूं और सरसों की फसलों में आई जान
गोपेश्वर। शनिवार को देर रात से निचले क्षेत्रों में हुई बारिश को गेहूं और सरसों की फसल के लिए लाभदायक माना जा रहा है। पोखरी, दशोली, उर्गम, घाट, नंदप्रयाग, पीपलकोटी, थराली, देवाल, नारायणबगड क्षेत्रों में हुई बर्फबारी से फसलों में जान आ गई है। बारिश को सेब, नाशपाती, खुमानी, चूली फलों के लिए लाभकारी माना जा रहा है। काश्तकार मोहन सिंह और कल्पेश्वरी देवी का कहना है कि नंदप्रयाग क्षेत्र में सिंचाई के लिए खेतों को पानी की दिक्कत हो रही थी, लेकिन अब बारिश होने से खेतों में नमी आ गई है।