नई टिहरी। बहुउद्देशीय साधन सहकारी समिति सेमंडीधार का साधन सहकारी समिति लासी में विलय किए जाने का समिति के सदस्यों और किसानों ने कड़ा विरोध किया है। कहा कि अगर एआर का आदेश 10 दिनों के भीतर खारिज न हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जाखणीधार ब्लॉक के मंदार क्षेत्र में 1965 में साधन सहकारी समिति सेमंडीधार का गठन हुआ था। समिति में वर्तमान में 16 सौ सदस्य हैं, करीब दो करोड़ का टर्नओवर, पर्याप्त स्टाफ, स्वयं के दो भवन से लेकर जिले की पांच शीर्ष समितियों में शामिल है। समिति में अटल आदर्श ग्राम ढुंग, मंदार में विस्तार पटल, दो ग्रामीण अल्प बचत केंद्र भी संचालित हैं। इन केंद्रों का कुल निक्षेप आठ करोड़ से अधिक है, लेकिन जिला सहायक निबंधक सहकारिता ने सात जनवरी को समिति का विलय लासी समिति में किए जाने का आदेश जारी किए है। बृहस्पतिवार को सेमंडीधार में हुई समिति के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों की बैठक में समिति का विलय लासी समिति में करने का कड़ा विरोध किया गया। उन्होंने सरकार पर सहकारिता को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने सहकारिता मंत्री, स्थानीय विधायक, डीएम, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष, एआर को ज्ञापन भेजकर समिति का विलय न करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने जबरन समिति का विलय किया, तो सहकारित से जुड़े लोग अपना अंश, खाते वापस लेकर बेमियादी आंदोलन शुरू कर देंगे। इस मौके पर समिति के सरपंच बचन सिंह रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य दिनेश कुमार, उम्मेद सिंह रावत, प्रभाकर भट्ट, विजयपाल रावत, सत्या लाल, दाताराम, चिंतामणी, खुशीराम, अमर सिंह, किशोरी लाल, सोहन लाल, केशर सिंह, सूरत सिंह, बरफ लाल, दर्शन रमोला, सकला देवी, कुसमा देवी, सरस्वती देवी, कमला देवी, सोना देवी आदि मौजूद थे।
इनका कहना है-
सरकार ने व्यय भार कम करने के लिए एक न्याय पंचायत में एक ही सहकारी समिति रखने के आदेश दिए हैं। लेकिन इसका मतलब यह नही है कि सेमंडीधार में कामकाज बंद हो जाएगा। बैंकिंग समेत अन्य सुविधाएं वहीं पर मिलेंगी। केवल समिति संबंधी कामकाज का विलय होना है। बावजूद अंतिम निर्णय समिति के एजीएम में पारित प्रस्ताव के आधार पर किया जाएगा।
-सुभाष चंद्र गहतोड़ी, सहायक निबंधक सहकारिता।