फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बूढ़ाकेदार का ऐतिहासिक गुरू कैलापीर मेला शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक के बूढ़ाकेदार में श्री गुरू कैलापीर देवता के तीन दिवसीय मेले का शुक्रवार को आगाज हो गया। इस मौके पर थाती-कठुड़ पट्टी के सैकड़ों लोगों ने गुरू कैलापीर देवता के निशान के साथ पुंडारा के खेतों में सात चक्कर दौड़ लगाकर क्षेत्र और परिवार की खुशहाली के लिए मन्नतें मांगी। उसके बाद महिलाओं और बच्चों ने मेले का खूब लुत्फ उठाया।
मान्यता के अनुसार स्थानीय लोग सुबह से ही कैलापीर मंदिर में दर्शनार्थ पहुंचने लगे। दोपहर को दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से भक्तगण ढोल-दमाऊं के साथ सीटी बजाते हुए मंदिर परिसर पहुंचे, जिससे वहां भक्तों की काफी भीड़ जमा हो गई। ठीक एक बजे ढोल-नगाड़ों की थाप पर देवता को विधि विधान के साथ मंदिर से बाहर लाया गया। इस दौरान देवता का आशीर्वाद पाने को भक्तों में होड़ मच गई। दो बजे देवता के पश्वा (जिस व्यक्ति पर देवता अवतरित होते हैं) निशान के साथ निकटवर्ती पुंडारा के खेतों में पहुंचे। देवता के निशान के साथ सैकड़ों लोगों ने पुंडारा के खेतों में देवता के झंडे के साथ चक्कर लगाने शुरू किए। सात चक्कर तक हर कोई देवता के निशान के साथ खेतों में भागता रहा। पूरे चक्कर लगाने के बाद फरियादियों ने देवता को समस्याएं बताई।
विज्ञापन
विज्ञापन

इससे पूर्व ब्लॉक प्रमुख विजय गुनसोला ने मेले का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पौराणिक परंपरा को जीवित रखने में क्षेत्र के लोगों का अहम योगदान है। सरकार को ऐसे मेले और संस्कृति को बचाने के लिए प्रोत्साहन देना चाहिए। इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र नेगी, सचिव धीरेंद्र नौटियाल, जिला पंचायत सदस्य कैलाशी देवी, रजनी रौतेला, हिम्मत रौतेला, जयप्रकाश राणा, रतन सिंह गुनसोला, रामानुज बहुगुणा, गोपेश्वर जोशी, सतीश रतूड़ी, सुखदेव बहुगुणा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें