फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

1001 भैलों के साथ ग्रामीण मनाएंगे बूढ़ाकेदार में दीपावली

विज्ञापन
विज्ञापन
घनसाली/नैनबाग। भिलंगना और जौनपुर ब्लॉक में बृहस्पतिवार से मंगशीर्ष दीपावली की धूम शुरू हो गई। बूढाकेदार में श्री गुरु कैलापीर का तीन दिवसीय मेला शुक्रवार (आज) से शुरू होगा। बृहस्पतिवार को बड़ी दीपावली मनाए जाने के बाद शुक्रवार से होने वाले मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। रात को 1001 भैलों के साथ दीपावली का उत्सव मनाया जाएगा।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार सुबह से ही बूढाकेदार क्षेत्र में बड़ी दीपावली धूमधाम से मनाई गई। पुंडारा स्थित खेतों में ढोल-दमाऊ के साथ ग्रामीण पहुंचे। जहां पर सामूहिक भैलों का आयोजन किया गया। शुक्रवार से होने वाले मेले के पहले दिन गुरु कैलापीर का निशान लोगों के दर्शनार्थ मंदिर से बाहर निकाला जाएगा और उसके बाद देवता के निशान को लेकर ग्रामीण पुंडारा नामे तोक में पहुंचेंगे, जहां पर ग्रामीण देवता के साथ दौड़ लगाएंगे। इस दौरान देवता के पश्वा लोगों की परेशानियां सुनकर उनका समाधान भी करेंगे। मेला समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मेले का समापन नौ दिसंबर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत करेंगे। इस मौके पर रामानुज बहुगुणा, हिम्मत रौतेला, चंद्रेश, धीरेंद्र नौटियाल, सुखदेव बहुगुणा, पूरब सिंह नेगी, गोपेश्वर प्रसाद जोशी आदि मौजूद रहे।

इसलिए मनाई जाती है मंगशीर्ष दिवाली
पौराणिक मान्यता के अनुसार बूढ़ाकेदार क्षेत्र के आराध्य देव मूलत: हिमाचल प्रदेश से यहां आए हैं। एक बार जब कैलापीर देवता बूढाकेदार आए तो थाती गांव से ऊपर की ओर जंदरवाड़ा नामे तोक देवता को बहुत पसंद आई और देवता ने यहीं रुकने का निश्चय किया। यह बात मंगशीर्ष माह की थी। तब लोगों ने छिल्ले जलाकर देवता का स्वागत किया था। कार्तिक माह की दीपावली की तिथि के दिन ही मंगशीर्ष दीपावली मनाई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें