कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार की बीडीसी बैठक में सदस्यों ने कहा कि विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों की लापरवाही से जरूरतमंदों को सरकारी योजना का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है, जिससे लोगों को विभागों के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। सदस्यों ने एक ग्राम विकास अधिकारी के अधीन 20- 20 गांव रखने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे मनरेगा आदि कार्य समय से निपटाने में खासी दिक्कतें आ रही है। सदस्यों ने विभागीय कार्यों में तेजी लाने की मांग की है।
क्षेत्र पंचायत की बैठक में प्रधान संगठन के अध्यक्ष महावीर सिंह सैनवाल ने कहा कि एक ग्राम विकास अधिकारी के पास ब्लॉक के 20-20 गांवों का कार्यभार होने दिक्कतें आ रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा में भी कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। बैठक में किलवाण गांव की अनीता देवी और मंशाराम भट्ट ने बताया कि गांव में दो माह से पानी का संकट बना हुआ है। मंजकोट की आशा देवी ने बताया कि गांव का प्राथमिक स्कूल भवन जर्जर स्थिति में पहुंच गया है, जिससे छात्रों को वहां जोखिम उठाकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। उन्होंने जल्द ही नया भवन बनाने की मांग की। सदस्यों ने कहा कि कई वृद्ध और दिव्यांग लोगों को सालभर से पेंशन नहीं मिल पाई है। राजेंद्र जुयाल ने आरोप लगाया कि सदन में उठाई जाने वाली समस्याओं का समय पर निदान नहीं किया जा रहा है। राजेश भट्ट ने थौलधार- ठंगधार सड़क का डमरीकरण कराने की मांग की। मनवीर पंवार, उम्मेद सिंह बिष्ट ने कहा कि डीएम के निर्देश पर भी क्षेत्र में आधार कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख बबीता शाह ने की। इस मौके पर डीडीओ आनंद भाकुनी, बीडीओ भगवती प्रसाद डबराल, गंभीर सिंह गुसाईं, शैला गुसाईं, आशा देवी आदि मौजूद थे।