नई टिहरी। राज्य स्थापना दिवस का जिले में कोई उत्साह नहीं देखा गया। पहले जहां शासन-प्रशासन की ओर से सामूहिक रूप से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर विभागीय स्टाल भी लगाए जाते रहे हैं, लेकिन इस बार यह उत्साह सरकारी दफ्तरों तक ही सिमट कर रह गया। कारण चुनाव आचार संहिता का रहा हो या कोई और लेकिन इस बेरुखी से राज्य आंदोलनकारियों ने खासी निराशा जताई है।
राज्य स्थापना दिवस अब तक खासे उत्साह के साथ मनाया जाता रहा है, लेकिन इस बार कहीं कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभागीय स्टाल नजर नहीं आए। तर्क यह भी दिए जा रहे हैं कि निकाय चुनाव आचार संहिता के कारण कार्यक्रम नहीं किए गए, लेकिन राज्य आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार जिस तरह से देहरादून परेड ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित कर रही है, उसी तर्ज पर जिलों में भी किए जाने चाहिए थे। राज्य आंदोलनकारी बचन सिंह नेगी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के त्याग और बलिदान को सरकार भूलती जा रही है। राड्स के अध्यक्ष सुशील बहुगुणा ने कहा कि राज्य गठन के दौरान लोगों की जो भावनाएं थी, वह सही सिद्ध नहीं हो पा रही है। पहले न्याय पंचायत स्तर पर स्थापना दिवस मनाया गया, लेकिन अब दून में ही सिमट कर रह गया है। सीईओ डीसी गौड़ ने कहा कि कुछ स्कूलों में स्थापना दिवस मनाया गया। कुछ छात्र-छात्राएं देहरादून में होने वाली क्विज प्रतियोगिता में शामिल होने गए हैं। एसडीएम चतर सिंह चौहान ने कहा कि सरकारी दफ्तरों में लाइटिंग कर स्थापना दिवस मनाया गया। सार्वजनिक स्तर पर उत्सव मनाने के कोई आदेश नहीं मिले हैं।