चंबा (टिहरी)। विश्व में भारतीय संस्कृति की पताका फहराने वाले युवा सन्यासी स्वामी रामतीर्थ महाराज का 145वां जन्मोत्सव एसआरटी परिसर बादशाहीथौल में धूमधाम से मनाया गया। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय समाज के जागरूक प्रहरी रामतीर्थ महाराज ने संपूर्ण मानव जाति को देशप्रेम की भावना, नारी उत्थान, जनसंख्या वृद्धि की रोकथाम के उपाय आदि से परिचित कराया।
स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल और स्वामी रामतीर्थ समिति टिहरी की पहल पर स्वामी रामतीर्थ जयंती महोत्सव कार्यक्रम का उद्घाटन गीता एकेडमी के संस्थापक आचार्य शिवेंद्र नागर ने किया। उन्होंने कहा कि महान गणितज्ञ स्वामी रामतीर्थ के अनुसार आज हमें धर्म और दर्शनशास्त्र भौतिक विज्ञान की भांति पढ़ना चाहिए। स्वामी राम का लक्ष्य अंधकार के गर्त में पड़े हुए भारत को नवीन दिशा की ओर ले जाना था। चिपको नेता धूम सिंह नेगी ने कहा कि स्वामी रामतीर्थ के जीवन का प्रत्येक पक्ष आदर्शमय था। वे एक आदर्श गणितज्ञ, समाज सुधार और महान संत थे। श्रीदेव सुमन विवि के कुलसचिव डा. दीपक भट्ट ने कहा कि आज के समय देश को एकता, वेदांत, संगठन, राष्ट्र धर्म और विज्ञान साधना की आवश्यकता है। एसआरटी परिसर के निदेशक प्रो. आरसी रमोला ने कहा कि स्वामी रामतीर्थ ने चारित्रिक, मानसिक, शारीरिक, नैतिक आध्यात्मिक विकास पर बल देकर इसकी महता प्रतिपादित की थी। संचालन हंसराज बिष्ट ने किया। समापन पर स्वामी रामतीर्थ के जीवन पर बने पोस्टर का भी लोकार्पण किया गया। इस मौके पर स्वामी रामतीर्थ आश्रम समिति के काका हरिओम, उत्तराखंड विद्वत सभा के पूर्व अध्यक्ष पं. उदय शंकर भट्ट, प्रो. डीएस कैंतुरा, डा. दिनेश नेगी, अक्षत बिजल्वाण, राकेश कोठारी, डा. केसी पेटवाल आदि मौजूद थे।
विजेता प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत
स्वामी रामतीर्थ के जन्मोत्स्व पर छात्र-छात्राओं के बीच पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें पंकज पाल प्रथम, प्रियंका उनियाल द्वितीय, वंदना रावत तृतीय रहे। निबंध प्रतियोगिता में विकास चौहान प्रथम, अमित कुमार द्वितीय और अंजली रावत तृतीय रही। भाषण प्रतियोगिता में अक्षत बिजल्वाण प्रथम और धीरज कौशल ने दूसरा स्थान हासिल किया है। विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।