गंगादत्त थपलियाल
नई टिहरी। 68 साल बाद नई टिहरी पालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर महिला को बैठने का सौभाग्य मिलेगा। 1950 में गठित टिहरी पालिका में अब तक पुरुष ही अध्यक्ष पद पर काबिज रहे हैं। इस बार अध्यक्ष पद ओबीसी महिला आरक्षित होने से महिला प्रत्याशी को अध्यक्ष पद की कमान मिलेगी। पालिका की पहली महिला अध्यक्ष बनने का सपना देख रही महिला प्रत्याशी इन दिनों जी जान से चुनाव प्रचार अभियान में जुटी हुई है। भाजपा और कांग्रेस की ओर से अध्यक्ष पद के लिए अधिकृत प्रत्याशियों के नामों की घोषणा न होने से चुनाव मैदान में निर्दलीय उतरने वाली महिला प्रत्याशी भी असमंजस की स्थिति में है।
टिहरी पालिका 1950 में अस्तित्व में आ गई थी। 2003 में पुरानी टिहरी शहर टिहरी झील में समा जाने के कारण पालिका को नई टिहरी स्थानांतरित किया गया। अध्यक्ष पद सामान्य होने के चलते सिर्फ 2008 में पहली बार एक महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरी थी, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल पाई थी। 68 साल के अंतराल के बाद इस बार अध्यक्ष पद ओबीसी महिला आरक्षित होने से जहां ओबीसी श्रेणी में शामिल महिला प्रत्याशियों के चेहरे खिले हुए हैं। वहीं सालभर पहले से अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की इच्छुक सामान्य जाति की महिलाओं के हाथ मायूसी लगी है।
कांग्रेस और भाजपा जैसी राष्ट्रीय पार्टियों में नई टिहरी नगर पालिका में पहली महिला अध्यक्ष पद कब्जाने की होड़ मची हुई है। अध्यक्ष पद ओबीसी महिला आरक्षित होने के साथ ही इस बार पालिका में वार्डों की संख्या 13 से घटकर 11 हो गई है। अध्यक्ष और वार्ड सदस्य पद के लिए 19 हजार 889 मतदाता मतदान करेंगे, जिसमें महिला मतदाताओं की संख्या 9 हजार 17 और पुरुष मतदाताओं की संख्या 10 हजार 872 है।