नई टिहरी/चंबा। खेती बाड़ी को विकसित कर इस क्षेत्र में नए शोधों को आयाम देकर ही पहाड़ का विकास हो सकता है। इसी परिकल्पना को ध्यान में रखकर पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने रानीचौरी में गोविंद बल्लभ पंत कृषि एंव प्रौद्योगिकी विवि पर्वतीय परिसर की स्थापना की थी। इसका नतीजा है कि 80 के दशक से युवा पीढ़ी को कृषि और वानिकी का ज्ञान मिलने लगा था।
पहाड़ की उन्नति और समग्र विकास कृषि के माध्यम से हो सकता है। इस परिकल्पना को ध्यान में रखकर उत्तर प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री रहते एनडी तिवारी ने 23 जून 1985 को रानीचौरी में गोविंद बल्लभ पंत कृषि एंव प्रौद्योगिकी विवि पर्वतीय परिसर की स्थापना की थी। इस परिसर के खुलने से पहाड़ के युवाओं को कृषि और वानिकी के क्षेत्र में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने की सुविधा मिल गई थी। इसके साथ ही परिसर में खेती-बाड़ी से जुड़े शोध कार्य भी शुरू हो गए थे। पूर्व ब्लॉक प्रमुख सोबन सिंह नेगी का कहना है कि एनडी तिवारी को पर्वतीय क्षेत्रों के विकास की बहुत पीड़ा थी। वे हमेशा पर्वतीय क्षेत्र के विकास के लिए प्रत्यनशील रहते थे।
नरेंद्रनगर को तिवारी ने दी प्रशिक्षण केंद्र की सौगात
नरेंद्रनगर। पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय की स्थापना कर पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने नरेंद्रनगर को नई सौगात दी। यहां पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय खुलने के बाद युवाओं को प्रशिक्षण लेने के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ता है। खासतौर पर महिलाओं को प्रशिक्षण केंद्र खुलने का सबसे अधिक लाभ मिला है। पुलिस में भर्ती होने के बाद महिला सब इंस्पेक्टरों और आरक्षियों को यही ट्रेनिंग दी जाती है। वर्ष 2002 में सीएम रहते हुए तिवारी ने नरेंद्रनगर में पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय की घोषणा की थी। वर्ष 2003 में पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय बनकर तैयार हुआ। केंद्र में दूध, सब्जी और अन्य जरूरी सामग्री की आपूर्ति कर स्थानीय लोग स्वरोजगार से जुड़े हैं।