घनसाली (टिहरी)। आपदा की दृष्टि से सबसे संवेदनशील भिलंगना ब्लॉक के लोगों को अब आपदा आने से एक घंटे पहले ही इसकी जानकारी हो जाएगी। इसके लिए मौसम विभाग ने भिलंगना ब्लॉक में तीन ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए है। इन वेदर स्टेशनों से क्षेत्र में होने वाली दैवी आपदाओं की सूचना सेटेलाइट के माध्यम से सीधे मौसम विभाग पूना और फिर उत्तराखंड आपदा विभाग देहरादून को मिल जाएगी। आपदा आने की स्थिति में मौसम विभाग क्षेत्र के लोगों को अलर्ट जारी करेगा।
राज्य में प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से भिलंगना ब्लॉक अतिसंवेदनशील है। क्षेत्र में हर वर्ष प्राकृतिक आपदाओं में कई लोग अकाल मौत का शिकार हो जाते है और परिसंपत्तियों का भारी नुकसान होता है। प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए सरकार ने तीन साल पहले इस क्षेत्र का जीएसआई सर्वेक्षण करवाया था। सर्वे में भिलंगना ब्लॉक को प्राकृतिक आपदा की दृष्टि से सर्वाधिक संवेदनशील मानते हुए जोन पांच में रखा गया है। आपदा से निपटने के लिए सरकार ने अब क्षेत्र में घनसाली, चमियाला और मुयालगांव में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए है। घनसाली और चमियाला में वेदर स्टेशन बनकर तैयार हो गए है, जबकि मुयालगांव का वेदर स्टेशन निर्माणाधीन है। यह स्टेशन क्षेत्र के मौसम, हवा की गति, दिशा, बारिश, तापमान आदि का पूर्वानुमान बताएगा।
वेदर स्टेशनों का निर्माण करने की जिम्मेदारी सरकार ने हैदराबाद की एस्ट्रा कंपनी को दी है। इन वेदर स्टेशनों की कनेक्टिविटी सीधे मौसम विभाग पूना और उत्तराखंड आपदा विभाग देहरादून से होगी। आपदा आने की स्थिति में एक घंटे पहले ही इसका अलर्ट मौसम विभाग और आपदा विभाग से क्षेत्रवासियों को मिल जाएगा। वेदर स्टेशनों का निर्माण कार्य कर रही कंपनी के तकनीशियन मनोज ने बताया कि भिलंगना में तीन स्टेशनों में से दो बनकर तैयार हो गए है, जो सीधे सेटेलाइट से मौसम संबंधी सभी अपडेट मौसम विभाग और आपदा विभाग को भेजेंगे।