नई टिहरी। नई टिहरी और बौराड़ी के गली-मोहल्लो और बाजार से अतिक्रमण हटाने के विरोध में व्यापारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अतिक्रमण हटाए जाने के विरोध में आज सोमवार को व्यापारियों ने नई टिहरी और बौराड़ी बाजार पूरी तरह से बंद रखने का एलान किया है। इधर, जिला प्रशासन ने भी अतिक्रमण ध्वस्त करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली है।
हाईकोर्ट के निर्देश पर जिला प्रशासन ने नई टिहरी, कोर्ट कंपाउंड, विधि विहार, मॉडल हाउस, बौराड़ी, मोलधार में अतिक्रमण हटाने के लिए 25 सितंबर से अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन की ओर से 20 सितंबर को 164 लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। निर्धारित तिथि तक अतिक्रमण न हटाने पर प्रशासन ने 25 सितंबर से बलपूर्वक अतिक्रमण हटाने को कहा है। इसके लिए प्रशासन ने तीन प्लाटून पीएसी, 150 पुलिस जवानों की तैनाती के साथ ही चार जेसीबी, सात ट्रक, 250 मजदूरों, तीन एंबुलेंस और चिकित्सकों की टीम की व्यवस्था भी की है।
इधर, नगर क्षेत्र से अतिक्रमण हटाए जाने के विरोध में रविवार को बौराड़ी में व्यापारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि पुनर्वास निदेशालय ने बांध प्रभावितों/विस्थापितों को अविकसित भूखंड आवंटित किए थे, जिन्हें विस्थापितों/प्रभावितों ने स्वयं विकसित कर दुकान और भवनों का निर्माण किया है। ऐसे में प्रशासन उन्हें अतिक्रमणकारी बताकर परेशान कर रहा है। बैठक में बांध प्रभावितों ने मांग उठाई कि जिन व्यक्तियों ने सरकारी भूमि पर कुछ निर्माण किया है, उनसे धनराशि जमा करवाई जाए। बैठक में व्यापार मंडल अध्यक्ष अमरीश पाल, ब्लॉक प्रमुख बेबी असवाल, भाजपा जिला महामंत्री विनोद रतूड़ी, उपाध्यक्ष अनुसूया नौटियाल, जिला प्रवक्ता विक्रम सिंह कठैत, मंडल अध्यक्ष रामलाल नौटियाल, रागिनी भट्ट, शीशराम थपलियाल, लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, गुरू प्रसाद भट्ट, दिनेश रावत, धनपाल पंवार, विजयपाल राणा, सुनील जोशी आदि उपस्थित रहे।