नई टिहरी। कलक्ट्रेट में देवप्रयाग विधायक के धरने के बाद जिला प्रशासन और जीवीके कंपनी के बीच श्रीनगर जल विद्युत परियोजना प्रभावितों की मांगों को लेकर लिखित सहमति बन गई है। विधायक के धरने के बाद हरकत में आई जीवीके कंपनी ने चौरास क्षेत्र में डैम साइट के दोनों ओर शनिवार से सड़क निर्माण शुरू करवा दिया है।
श्रीनगर जल विद्युत परियोजना प्रभावित चौरास क्षेत्र के गांवों की समस्या को लेकर शनिवार को देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी, डीएम सोनिका और जीवीके कंपनी के समन्वयक संतोष रेड्डी की मध्यस्तता में बैठक हुई। बैठक में धारी गांव के 20 लोगों के अवशेष चेक 20 अक्तूबर तक बनाए जाने, कंपनी में कार्यरत 396 प्रभावितों को स्थायी रोजगार से न हटाने, परियोजना निर्माण से प्रभावित धारी देवी के 28 दुकानदारों को एक लाख 75 हजार की सहायता दिए जाने पर सहमति बनी।
विद्युत लाइन टावर निर्माण से प्रभावित सेंद्री गांव के 180 परिवारों को तीन-तीन लाख का अवशेष भुगतान करने से जीवीके कंपनी के समन्वयक संतोष रेड्डी ने इनकार कर दिया। इस पर विधायक कंडारी भड़क उठे और बैठक कक्ष से बाहर आकर डीएम कार्यालय गेट पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान कई भाजपाई वहां एकत्र हो गए और जीवीके कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। जन आक्रोश को देखते हुए जीवीके कंपनी ने शनिवार से डैम क्षेत्र के दोनों तरफ सड़क निर्माण शुरू करवा दिया। काम शुरू होने पर डीएम ने विधायक को दोबारा वार्ता के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद बैठक में सेंद्री गांव के 180 परिवारों का अवशेष भुगतान करने, मरहगांव, गंडासू का पैकेज भुगतान करने, मंगसू में लगे क्रशर को हटाने से पूर्व उनका लीज रेंट भुगतान करने, ग्रामीणों के मंदिर, घाटों, पेयजल लाइन, गूलों का निर्माण तीन से छह माह के अंतर्गत पूरा करने पर सहमति बनी। इस मौके पर भाजपा महामंत्री विनोद रतूड़ी, देवेंद्र बेलवाल, अशोक तिवारी, चंदा प्रसाद, मोहित रावत, संजय रावत, गौरव डोभाल आदि मौजूद थे।