चंबा (टिहरी)। नरेंद्रनगर ब्लॉक में दुआधार के पास ग्वाड़ गांव के टांड तोक में जल्द ही गीता और वेदों की ऋचाएं गूंजेगी। यहां गीता एकेडमी का निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। सूबे की पहली आधुनिक गीता एकेडमी में 18 से 30 साल की उम्र के युवाओं को गीता के मैनेजमेंट गुण का तीन सप्ताह का कोर्स पढ़ाया जाएगा। इस दौरान युवाओं को कोर्स के साथ ही आवास और भोजन की सुविधा भी पूरी तरह से निशुल्क दी जाएगी। एकेडमी में भारत ही नहीं विदेशों के भी छात्र गीता के मैनेजमेंट गुणों का ज्ञान ले सकेंगे।
गीता ज्ञान के प्रति विदेशी युवाओं में भी खासी उत्सुकता है। यूएसए, कनाडा और केन्या के छात्रों ने यहां पढ़ाई के लिए अपना आवेदन किया है। हालांकि एकेडमी प्रबंधन अधिक से अधिक स्थानीय युवाओं को इस ज्ञान का लाभ देना चाहती है। 54 देशों में गीता का प्रचार-प्रसार करने वाले शिवेंद्र नागर इस एकेडमी को तैयार करने में जुटे हुए हैं। उनका कहना है कि श्रीकृष्ण ने हर काम मैनेजमेंट से किया, इसलिए वह सफल रहे। कृष्ण की बुद्धिमत्ता, चातुर्य, युद्धनीति आदि विशेष योग्यता के चलते उन्हें मैनेजमेंट गुरु कहा जाता है। ऐसे में आज की युवा पीढ़ी इन प्रबंधन गुणों को आजमाकर सफलता के नए आयाम रच सकती है। उन्होंने बताया कि जल्द ही एकेडमी का उद्घाटन किया जाएगा।