फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कंडी और बगोड़ी गांव में स्वैच्छिक चकबंदी का प्रस्ताव पारित

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
कंडीसौड़ (टिहरी)। तीन साल इंतजार के बाद तहसील प्रशासन और कृषि विभाग ने कंडी और बगोड़ी गांव में स्वैच्छिक चकबंदी करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। स्वैच्छिक चकबंदी करने संबंधी दोनों ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव को चकबंदी आयुक्त और डीएम को भेज दी गई है। कंडी और बगोड़ी गांव के काश्तकारों को अब स्वैच्छिक चकबंदी के लिए सरकार से सहयोग मिलने की उम्मीद जग गई है।
कंडी गांव में निवासरत 50 परिवारों की ओर से 2015 में सरकार को स्वैच्छिक चकबंदी का प्रस्ताव भेजा गया था। गांव के लोगों ने अलग-अलग जगह बिखरी पड़ी लगभग तीन हजार कृषि नाली भूमि पर चकबंदी करने पर सहमति जताई थी, लेकिन शासन स्तर पर यह प्रस्ताव फाइलों में कैद होकर रह गया था। वर्ष 2016 में बगोड़ी गांव के सभी 40 परिवारों ने आपसी सहमति पर चकबंदी करने का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा था, लेकिन उस पर भी कार्रवाई नहीं हो पाई थी।
विज्ञापन

बीते तीन जुलाई को कंडीसौड़ में आयोजित तहसील दिवस में लोगों ने स्वैच्छिक चकबंदी के प्रस्तावों को मंजूरी नहीं मिलने पर कड़ा रोष जताया था। स्थानीय लोगों का कहना था कि सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का दावा कर रही है, जब तक चकबंदी नहीं होगी तब तक किसानों की आय दोगुनी नहीं हो सकती है। इस पर डीएम सोनिका ने तहसीलदार और कृषि अधिकारी को गांव में बैठक कर शीघ्र रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन

स्वैच्छिक चकबंदी को लेकर तहसीलदार उपेंद्र बहुगुणा की अध्यक्षता में कंडी और बगोड़ी गांव के लोगों की बैठक हुई, जिसमें दोनों ग्राम पंचायतों की ओर से सर्व सम्मति से चकबंदी का प्रस्ताव पारित किया गया। सभी लोगों की ओर से तहसील प्रशासन को अपने-अपने सहमति पत्र सौंपे गए। बैठक में प्रधान गंभीर सिंह गुसाईं, क्षेत्र पंचायत सदस्य शैला गुसाईं, ब्लॉक कृषि अधिकारी वीर सिंह नेगी, बीना जोशी, सरस्वती जोशी, कुलानंद जोशी, लाखीराम उनियाल, तारा दत्त, शिव सिंह आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें