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चुपडिय़ाल गांव में जल कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा शुरू

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चंबा (टिहरी)। जल कलश यात्रा के साथ मंगलवार से चुपड़ियाल गांव में श्रीमद्भागवत कथा शुरू हो गई। गांव के धारे से लेकर कथा स्थल तक स्थानीय लोगों ने जलकलश यात्रा निकाली।
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कथा वक्ता भागीरथी पुत्र आचार्य महामाया प्रसाद ने कहा कि गंगा कोई बहता हुआ जल नहीं है, बल्कि स्वर्ग की देवी है। जो जगत कल्याण के लिए धरती पर आई है। गंगा जल में असंख्य जीव-जंतु वास करते हैं, परंतु मुक्ति को प्राप्त नहीं कर पाते हैं। क्योंकि वे जीव-जंतु पतित पावनी गंगा की महिमा को नहीं जानते। कलयुग का मनुष्य भी उन जल चर जीवों की भांति है, जो मां गंगा की महिमा को नहीं जानता है। यदि मनुष्य मां गंगा का महत्व जान ले, तो वह कभी नदियों के किनारे प्रदूषण नहीं फैलाएगा। सुख जीव को परमात्मा से दूर कर देता है, इसलिए दुख श्रेष्ठ है, जो हमें बार-बार परमात्मा का स्मरण करता है। इस मौके पर कथा आयोजक प्रेमदत्त डबराल, भरतराम डबराल, सुनील डबराल, अनिल डबराल, रोशन लाल कोठियाल आदि उपस्थित रहे। ब्यूरो
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