नई टिहरी। जिला अस्पताल में जल्द कैंसर पीड़ितों की देखभाल को पैलेटिव केयर सेंटर और मानसिक रोगियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य केंद्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से बनेंगे, जिससे कैंसर पीड़ितों की देखभाल से लेकर मानसिक रोगियों के उपचार भी हो सकेंगे। इसके लिए अस्पताल के डाक्टरों को प्रशिक्षित किया गया है।
जिले में कैंसर देखभाल केंद्र नहीं होने के चलते पीड़ितों को थेरेपी के लिए हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट जाना पड़ता है। साथ ही मानसिक रोगियों के उपचार को भी जिले में कोई सुविधा नहीं है। अब एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) से जिला अस्पताल बौराड़ी में जल्द कैंसर एवं मानसिक रोगियों के उपचार एवं देखभाल को अलग-अलग केंद्र खुलेंगे। एनएचएम से अस्पताल में दोनों केंद्र खुलने की अनुमति केंद्र सरकार ने दे दी है। केंद्र खुलने से पहले जिला अस्पताल के सीएमएस डा. सीपी त्रिपाठी व एक स्टाफ नर्स को चंदरनगर देहरादून और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट दिल्ली से कैंसर की देखभाल का प्रशिक्षण लेकर लौट चुके हैं, जबकि अस्पताल के डाक्टर अमित राय को बैंगलोर मानसिक इंस्टीट्यूट से 15 दिन की ट्रेनिंग कर चुके हैं। वर्तमान में अभी डा. राय ने मानसिक रोगियों का उपचार शुरू कर दिया है। बावजूद जब तक केंद्र पूरी तरह अस्तित्व में नहीं आ जाता, तब तक वह गंभीर रोगियों को एम्स में रेफर कर रहे हैं। केंद्र बनने के बाद मानसिक रोगियों को भर्ती किया जाएगा। वहीं अस्पताल में कैंसर पीड़ितों की देखभाल को पैलेटिव केयर सेंटर जल्द स्थापित होने की उम्मीद है।
कोटे
अस्पताल में कैंसर रोगियों की देखभाल को एनएचएम से पालीएटिव केयर सेंटर बनाया जा रहा है। स्वयं एवं एक नर्स इसकी ट्रेनिंग लेकर आ चुकी है। केंद्र खुलने से पीड़ितों का लाभ मिलेगा। अस्पताल में मानसिक रोगियों के लिए भी केंद्र खुलेगा।
-डा. सीपी त्रिपाठी, सीएमएस, जिला अस्पताल।