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आपदा से निपटने को जिला प्रशासन ने कसी कमर

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नई टिहरी। मानसून सत्र में आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। दो ड्रोन कैमरों और आठ सेटेलाइट फोन से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में होने वाली हर गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। ढालवाला और घनसाली में एसडीआरएफ की 26 सदस्यीय टीम तैनात की गई है। राहत और बचाव कार्यों के लिए व्यासी, कंडीसौड़ और खाड़ी में 17 सदस्यीय टीम की तैनाती की गई है। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में 69 अस्थायी हेलीपैड बनाए गए हैं।
आपदा की दृष्टि से टिहरी जिले में भिलंगना, जौनपुर और देवप्रयाग विकास खंड सबसे अधिक संवेदनशील है। आपदा के दौरान होने वाली हर गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जिला मुख्यालय और देवप्रयाग में ड्रोन कैमरों की मदद ली जाएगी। संचार सेवाएं बाधित होने की स्थिति में तहसील स्तर से सूचनाएं एकत्रित करने के लिए धनोल्टी, घनसाली, कीर्तिनगर, नैनबाग, बालगंगा, प्रतापनगर को सेटेलाइट फोन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
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एडीएम शिव चरण द्विवेदी ने बताया कि आपदा के दौरान ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे अधिक देर बाधित न हो इसके लिए नौ जेसीबी, 20 ट्रक और 80 मैन पॉवर की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अन्य संपर्क मार्गों पर 24 जेसीबी सरकारी और 79 प्राइवेट जेसीबी की व्यवस्था की गई है। आपदा के दौरान राशन की किल्लत न इसको मध्य नजर रखते हुए सभी सरकारी खाद्यान्न गोदामों में दो माह का एडवांस गेहूं और चावल भेज दिया गया है। संपर्क मार्ग बाधित होने की स्थिति में जिले के विभिन्न स्थानों पर 69 अस्थायी हेलीपैड बनाए गए हैं। जिला मुख्यालय के कंट्रोल रूम में आईआरएस की टीम में 37 अधिकारियों को शामिल किया गया है। अधिकारियों के मोबाइल नंबर प्रत्येक तहसील में उपलब्ध कराए गए हैं।
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