चंबा (टिहरी)। प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करने के लिए श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय आगे आया है। सोमवार को श्रीदेव सुमन विवि की कार्य परिषद (ईसी) की बैठक में विवि से संबद्ध सभी महाविद्यालयों और संस्थानों को ईको-फ्रेंडली बनाए जाने का निर्णय लिया गया। योजना के तहत सभी कॉलेजों में पौधरोपण, रेन-वाटर हार्वेस्टिंग, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सोलर एनर्जी का उपयोग किया जाएगा।
श्रीदेव सुमन विवि ने पर्यावरण संरक्षण के लिए नई पहल की है। इसके लिए विवि से संबद्ध सभी महाविद्यालयों और संस्थानों को ईको-फ्रेंडली (पर्यावरण अनुकूल) बनाया जाएगा। ईसी की बैठक में गढ़वाल विवि के पूर्व कुलपति प्रो. एमएसएम रावत ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी सदस्यों ने ध्वनिमत से पारित किया। इसके तहत विवि से संबद्ध सभी महाविद्यालयों के छात्र, शिक्षक और कर्मचारी पौधरोपण करेंगे और अपने लगाए गए पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लेंगे। रेन-वाटर हार्वेस्टिंग भाग में जल संकट से निपटने के लिए बरसात के पानी का संचय एवं संग्रह करके इसका समुचित प्रबंधन किया जाएगा। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में जैविक और अजैविक कूड़े का प्रबंधन किया जाएगा। सोलर एनर्जी में सौर का अधिक से अधिक उपयोग किया जाएगा। बिजली की बचत के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा। सौर ऊर्जा से बिजली तैयार करने के लिए विवि सोलर पैनल प्लांट विवि मुख्यालय में जल्द लगाने जा रहा है।
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विवि से संबद्ध सभी कालेजों और निजी संस्थानों को ईको फ्रेंडली बनाया जाएगा। इसके लिए पौधारोपण, बरसात के पानी का संचय और कूड़ा प्रबंधन किया जाएगा। स्वच्छता के प्रति आम जन मानस में जागरुकता लाने के लिए कालेजों से संदेश देने का काम विवि करेगा।
-डा. यूएस रावत, कुलपति, श्रीदेव सुमन विवि