नई टिहरी। जाखणीधार ब्लाक के ढुंगमंदार के ग्रामीणों ने सहकारिता विभाग पर प्रारंभिक कृषि ऋण सहकारी समिति के निर्वाचन के लिए सेमंडीधार समिति के वार्डों को शामिल नहीं करने का आरोप लगाया। बताया कि ढुंगबडवाली न्याय पंचायत क्षेत्र में पहले दो सहकारी समितियां थी, लेकिन अब सरकार ने न्याय पंचायत स्तर की दो समितियां को मिलाकर एक पैक्स समिति बनाई है।
23 जून को प्रारंभिक कृषि ऋण सहकारी समिति के निर्वाचन के संबंध में सूचना प्रकाशित हुई थी, जिस पर ढुंगमंदार के ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। बताया कि पहले सेमंडीधार और लासी समिति थी, जिनके अलग-अलग वार्ड थे। नए आदेश के अनुसार ढुंग बडवाली न्याय पंचायत की लासी एवं सेमंडीधार समिति को मिलाकर सेमंडीधार के नाम से पैक्स समिति गठन के संबंध में एआर ने अप्रैल 2018 में विकासखंडों से सूचना मांगी थी। इसके आधार पर न्याय पंचायत के सभी गांव को शामिल कर वार्डों का निर्धारण होना था। बावजूद प्रकाशित हुई सूचना में सेमंडीधार समिति से जुड़े मंदार, भटवाड़ा, कस्तल, म्युंडी, सेमा, बडोनगांव, स्यूरी, ढुंग, कुमारगांव, सैंज, मोल्ठा आदि गांव को नहीं जोड़ा गया है। नए नियम के अनुसार जिस समिति का सबसे ज्यादा टर्नओवर, अपना भवन, अधिक कर्मचारी होंगे, उसी पैक्स समिति में न्याय पंचायत की अन्य समितियों को शामिल किए जाने का प्राविधान है। निवर्तमान सरपंच राकेश बडोनी, पूर्व सरपंच दयाल सिंह रावत, नत्थी बगियाल, भगवती नौटियाल, ध्यान सिंह रावत, नागेंद्र भट्ट, सत्य लाल, सूरत महर, दिनेश लाल, बचन सिंह रावत, सतपन बगियाल, भागवत भट्ट ने सहकारिता विभाग से वार्डों के निर्धारण में सुधार करने की मांग की है। सीडीओ आशीष भटगांई का कहना है कि जिन गांव को शामिल नहीं किया गया है, वहां के ग्रामीण सात दिन के अंदर अपनी अपतियां दर्ज करवा सकते हैं।