नई टिहरी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी की अदालत ने पत्नी की हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने अभियुक्त पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी ने अक्तूबर 2015 में पत्नी को नौकरी लगाने के बहाने मसूरी बुलाकर उसकी हत्या कर दी थी।
थत्यूड़ पुलिस को दी गई तहरीर में मृतका के पिता अमीचंद राणा ने बताया था कि सात अक्तूबर 2015 को आरोपी राजपाल सिंह पुंडीर पुत्र दयाल सिंह निवासी ग्राम अलमस थत्यूड़ ने अपनी पत्नी संगीता को फोन कर नौकरी लगाने के लिए मसूरी बुलाया था। तब उसने कहा कि बेटी को घर में छोड़कर बताना कि वह धनोल्टी जा रही है, लेकिन संगीता ने मसूरी जाने की बात अपनी बहन मुन्नी देवी को बता दी थी। मसूरी पहुंचने पर आरोपी अपनी पत्नी को देहरादून ले गया और उसकी हत्या कर शव राजपुर रोड के जंगल में फेंकने के बाद अपने बहनोई के घर गढ़ी कैंट पहुंच गया था। दूसरे दिन जब संगीता घर नहीं पहुंची तो आरोपी राजपाल और उसका जीजा सुरेश आठ अक्तूबर को ग्राम अलमस पहुंचे और संगीता के पिता अमीचंद को उसके गायब होने की सूचना दी। सभी लोग संगीता को ढूंढने के लिए मसूरी गए। इस बीच मृतका की बहन मुन्नी देवी ने बताया कि संगीता अपने पति के बुलाने पर ही मसूरी गई थी। सच्चाई सामने आने पर आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने कुछ दिन बाद ही आरोपी राजपाल सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार किया। जांच के बाद पुलिस ने अभियुक्त की निशानदेही पर मृतका का कंकाल राजपुर रोड से सटे जंगल से बरामद कर लिया, जिसकी पुष्टि डीएनए जांच से की गई। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह रावत ने 17 गवाह पेश किए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अभियुक्त को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।