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अनाथ हुए बच्चों के पालन-पोषण को एक संस्था आई आगे

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घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक के रगड़ी गांव में दंपति की मौत के बाद अनाथ हुए दो बच्चों के पालन-पोषण के लिए एक स्वयं सेवी संस्था आगे आई है, जिससे बुजुर्ग दादी के कंधों का कुछ भार कम होने की उम्मीद जगी है। संस्था दोनों बच्चों के बालिग होने तक उनकी पढ़ाई का खर्च उठाने की जिम्मेदारी भी लेने को तैयार है।
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रगड़ी गांव के दिनेश सिंह और उनकी पत्नी बबीता देवी की सोमवार को चमियाला मोटर मार्ग पर डिग्री कालेज के पास हुई बाइक दुर्घटना में मौत हो गई थी, जिससे उनके दो नाबालिग सात साल का विवेक और पांच साल के ऋतेश के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उनकी बूढ़ी दादी के कंधों पर आ गई थी। हालांकि मृतक का एक भाई भी है, लेकिन वह भी घर में मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा है। सर से मां-बाप का साया उठने से दोनों बच्चों के पालन-पोषण और पढ़ाई को लेकर परिजन खासे चिंतित थे, लेकिन रानीचौरी की सामाजिक संस्था ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति जिला बाल कल्याण समिति के माध्यम से दोनों बच्चों की जिम्मेदारी उठाने को आगे आई है। संस्था के अध्यक्ष सुशील बहुगुणा ने कहा कि बच्चों की दादी और चाचा इसके लिए तैयार होते हैं, तो दोनों बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और पालन-पोषण का खर्च संस्था उठाने को तैयार है। दोनों बच्चे रानीचौंरी में रहेंगे और स्कूल की लंबी छुट्टियां पड़ने पर बच्चों को दादी के पास भी भेजा जाएगा, लेकिन बेटे-बहू की मौत के बाद अतरा देवी सदमे से नहीं उभर पाई है। संस्था के अध्यक्ष ने कहा कि उनसे जल्द इस संबंध में मुलाकात की जाएगी।
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