नई टिहरी। जाखणीधार ब्लॉक के ढुंगमंदार क्षेत्र में गुलदार की दहशत बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को दिन दोपहर गुलदार म्यूडी गांव की सीमा में आ धमका। सुबह सात बजे गुलदार प्राथमिक विद्यालय कस्तल के समीप दिखा। रात्रि गश्त के दौरान वन कर्मियों ने भी गुलदार देखा, लेकिन वह पिंजरे में कैद नहीं हो पाया। इधर, गुलदार की दशहत को देखते हुए सरस्वती शिशु मंदिर मंदार के प्रधानाचार्य ने अभिभावकों को पत्र जारी कर अभिभावकों को बच्चों को स्कूल लाने और घर ले जाने के लिए कहा है।
कस्तल गांव से शादी समारोह में शामिल होने जा रही बिछना देवी (65) को नौ मई को गुलदार ने निवाला बना डाला था। इससे पूर्व 20 फरवरी 2017 को गुलदार ने इसी गांव की एक बालिका पर हमला किया था। तब से क्षेत्र में गुलदार की दहशत बनी हुई है। पिछले एक साल में गुलदार क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में दर्जनों पशुओं और बकरियों का शिकार कर चुका है। शुक्रवार करीब डेढ़ बजे दोपहर स्थानीय लोगों ने म्यूडी गांव के समीप गुलदार देखा। लाठी-डंडे लेकर बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे, लेकिन तब तक गुलदार भाग निकला। गुलदार को भगाने के लिए ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर घरों के आसपास पहरा दे रहे हैं।
पूर्व विधायक विक्रम सिंह नेगी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने कस्तल गांव पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को गुलदार मारने के आदेश जारी कर लोगों को भय से मुक्ति दिलानी चाहिए। इधर, डीएफओ डा. कोको रोसे ने बताया कि दिन के समय गांव में गुलदार दिखाई देने की सूचना मिली है। इसलिए वन कर्मियों की टीम गांव में तैनात कर दी गई है। टीम की तैनाती के लिए रोस्टर तैयार किया गया है। गांव में पिंजरा भी लगा दिया गया है।