लंबगांव (टिहरी)। प्रतापनगर ओण पट्टी के गांवों में पिछले चार माह से दहशत का पर्याय बने गुलदार को वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर दिया है। गुलदार के पिंजरे में कैद होने पर स्थानीय लोग राहत महसूस कर रहे हैं।
ओण पट्टी के गांवों में फरवरी से गुलदार की दहशत बनी हुई थी। अलग-अलग गांवों में कई पशुओं को निवाला बनाने के बाद सात फरवरी को गुलदार ने खेलगढ़ पल्ला गांव निवासी महेश सिंह के बेटे अन्नू (11) को मार दिया था। इसके बाद 18 अप्रैल को रणदीप के बेटे सिद्धार्थ (नौ) पर गुलदार ने हमला कर दिया था। गुलदार के लगातार बढ़ते हमलों के विरोध में स्थानीय लोगों ने 20 अप्रैल को प्रतापनगर तहसील में प्रदर्शन कर गुलदार को पकड़ने की मांग की थी। लोगों के आक्रोश को देखते हुए वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए गांव के आसपास पिंजरा लगाया था।
राजू की सारी धारा नामक तोक में लगे पिंजरे में रविवार सुबह पांच बजे धारे में पानी भरने जा रहे लोगों ने गुलदार देखा। सूचना पर वन रेंजर श्याम लाल आर्य और थानाध्यक्ष जेपी कोहली टीम के साथ खोलगढ़ पल्ला पहुंचे। वन रेंजर आर्य ने बताया कि पिंजरे में कैद हुआ गुलदार मादा है। गुलदार पूरी तरह से स्वस्थ है। यही गुलदार आदमखोर है, इसकी पुष्टि करना अभी संभव नहीं है। गुलदार को चिडियापुर रेस्क्यू सेंटर ले जाया जा रहा है। रेस्क्यू सेंटर में चिकित्सक गुलदार का परीक्षण करेंगे।