थत्यूड़ (टिहरी)। जौनपुर ब्लॉक के छहज्यूला पट्टी में मसराणा-किमोई सड़क निर्माण के लिए वन विभाग से एनओसी नहीं मिलने पर गुस्साए ग्रामीणों ने देहरादून-मसूरी-उत्तरकाशी राजमार्ग पर मसराणा में जाम लगाकर वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि वह वर्षों से आठ से दस किमी पैदल नाप रहे हैं, लेकिन वन विभाग एनओसी की फाइल आगे नहीं बढ़ा पा रहा है। उत्तरकाशी से दून जा रहे शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक भी आधे घंटे तक जाम में फंसे रहे। उनकी ओर से जल्द वार्ता का आश्वासन देने पर ग्रामीणों ने जाम खोला।
छहज्यूला पट्टी में मसराणा-किमोई 10 किमी मोटर मार्ग की स्वीकृति वर्ष 2015 में मिल गई थी, लेकिन वन विभाग की एनओसी नहीं मिलने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने शनिवार को सुवाखोली से आगे मसराणा में सुबह दस बजे जाम लगा दिया। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि ग्राम कांडा, कोटी, मवाणा, मथौली, कुनाल्टा और किमोई के ग्रामीण वर्षों से पैदल नाप रहे हैं, लेकिन वन विभाग एनओसी की फाइल आगे नहीं बढ़ा पा रहा है। साढ़े 11 बजे मौके पर पहुंचे वन संरक्षक पीके पात्रो ने प्रस्ताव जल्द ऑन लाइन केंद्र सरकार को भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण अब तक हुई देरी पर सफाई मांगते रहे।
इस दौरान छह किमी तक वाहनों की कतार लग गई थी। इस बीच दोपहर 12 बजे शहरी विकास मंत्री भी जाम में फंस रहे। उन्होंने ग्रामीणों को वार्ता के लिए सात मई को देहरादून बुलाकर समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद साढ़े 12 बजे जाम खोला गया। जाम लगाने वालों में ब्लॉक प्रमुख कुंवर सिंह पंवार, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुरेंद्र रावत, जयपाल केरवाण, जिला पंचायत सदस्य बबीता नेगी, सोबत सिंह रावत, प्रधान मीरा देवी, महावीर सिंह चौहान, भगत सिंह, रणवीर सिंह और जगबीर असवाल आदि शामिल थे।