चंबा (टिहरी)। जौल गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथा आचार्य महामाया प्रसाद शास्त्री ने गो, गंगा और गौरी के संरक्षण के साथ ग्रामीणों को बेटी पढ़ाओ बेटी बढ़ाओ का संकल्प दिलाया। इस दौरान विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया।
श्रीमद्भागवत कथा में कथा आचार्य महामाया प्रसाद शास्त्री ने कहा कि परमात्मा की प्राप्ति धन से नहीं, बल्कि सच्ची निष्ठा और भाव से किए गए भजन से होती है। आचार्य ने कहा कि जंगलों में आग लगने से कई पशु, पक्षी, पेड़-पौधे इसकी चपेट में आ जाते हैं। कहा जंगल में आग लगाना सबसे बड़ा पाप होता है। ग्रामीण जंगलों को आग से बचाने के लिए स्वयं जागरूक होने के साथ ही अन्य लोगों को भी जागरूक करें और वनाग्नि लगाने जैसे पाप से लोगों को बचाएं।