चंबा। बादशाहीथौल के निकट रैसाड़ पर्वत पर स्थित प्राचीन रैसाड़ शिवालय मंदिर अब नए रूप में नजर आएगा। प्राचीन मंदिर का स्थानीय लोगों की पहल पर पुनर्निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। बुधवार को ग्रामीणों ने श्रमदान कर निर्माण सामग्री को मंदिर तक पहुंचाया। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने बताया कि बिना किसी सरकारी मदद के जीर्णशीर्ण हो चुके रैसाड़ शिवालय को क्षेत्रवासियों के सहयोग से नए ढंग से बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जल्द ही कार्य पूरा होने पर मंदिर में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।