नई टिहरी। उत्तरांचल बिजली कर्मचारी संघ एटक की बैठक में कर्मियों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि कर्मी दस साल से अधिक समय से संविदा पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सरकार उनका नियमितीकरण करने के बजाय बिजली घरों को ठेकों पर देकर कर्मियों को बेरोजगार करने की तैयारी कर रही है।
विद्युत संविदा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सुनील बिजल्वाण की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पावर कारपोरेशन और सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। संघ के प्रदेश महामंत्री विक्रम तोपवाल ने कहा कि कारपोरेशन में दस से अधिक सालों से संविदा पर काम कर नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। बावजूद कारपोरेशन उनका नियमितीकरण न कर अब बिजली घरों को ठेकों पर देने की तैयारी कर रहा है, जिसके चलते कई युवा बेरोजगार हो जाएंगे। कर्मियों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने बिजली घरों को ठेकों पर दिया, तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस मौके पर सुरेश बडोनी, सुरेंद्र दत्त रतूड़ी, ओंकार नेगी, राजेश चमोली, मनवीर कृषाली, कांति प्रसाद, समशाद, राकेश उनियाल, विवेक डबराल, विजय लाल, अजय गुसाईं, विक्रम सरियाल आदि मौजूद थे।