कंडीसौड़ (टिहरी)। टिहरी बांध प्रभावित थौलधार और चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के दर्जनों गांवों की दूरियां कम करने के लिए छाम तलसौड़ पुल निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। टिहरी-उत्तरकाशी जन विकास परिषद के बैनरतले एक प्रतिनिधिमंडल पुल निर्माण की मांग को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह से दिल्ली में मिला।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने बताया कि 2005 में छाम तलसौड़ में बना पुल टिहरी झील में समा गया था। तब से उत्तरकाशी जिले के बिचलीगमरी पट्टी के दर्जनों गांवों और टिहरी के गुसाईं पट्टी के गांवों के बीच दूरियां बढ़ गई है। झील से आरपार जाने के लिए एक मात्र साधन बोट है। गुसाईं पट्टी के धरवाल गांव, सुनारगांव, कंडीसौड़, जसपुर, पदोगी, रमोलसारी, धरोगी, कौशल और इडियान और बिचलीगमरी के बल्डोगी, खालसी, मणि, बरोल, वनकोट, क्यारी, सर्फ आदि दर्जनों गांवों के लोगों को नाते रिश्तेदारों के सुख, दुख में शामिल होने के लिए बोट की सेवा पर ही निर्भर रहना पड़ता है।
झील तक पहुंचने के लिए रास्तों का अभाव बना हुआ है। समस्या के समाधान के लिए स्थानीय लोग वर्षों से छाम तलसौड़ में पुल बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक की सरकारों ने जनता की समस्या पर ध्यान नहीं दिया। शाम छह बजे बाद झील में बोट का संचालन नहीं होता है, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत होती है। प्रतिनिधिमंडल में परिषद के अध्यक्ष जय सिंह राणा, श्रीराम रतूड़ी, मोहबत सिंह राणा, सुंदर सिंह गुसाईं, लोकेंद्र सिंह, धाम चंद रमोला, प्रकाश उनियाल, जयदेव सिंह राणा शामिल थे।