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सुरक्षित रहने के लिए महिलाओं का शिक्षित होना जरूरी

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नई टिहरी। महिला की पहचान हमेशा शांत और विनम्र स्वभाव के रूप में की जाती है। हर महिला में इन गुणों के अलावा अन्य कई गुण भी होते हैं, जिसे वह समय आने पर साबित भी करती हैं। टिहरी की जिला जज मीना तिवारी भी ऐसी महिलाओं में से एक हैं। उनका कहना है कि महिलाओं का सुरक्षित रहने के लिए उनका शिक्षित होना जरूरी है।
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जिला जज मीना तिवारी ने 1984 में करियर की शुरूआत अल्मोड़ा न्यायालय में वकालत की प्रैक्टिस कर की थी। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने लॉ किया उस समय महिलाएं डॉक्टर या फिर शिक्षिका बनना ज्यादा पसंद करती थीं, लेकिन न्याय के क्षेत्र में जाना उनका सपना था। उन्होंने अल्मोड़ा संघटक महाविद्यालय से बीएससी और एलएलबी की पढ़ाई के बाद न्याय की सेवा में जाने की राह चुनी। इससे पहले इंटर तक की पढ़ाई अल्मोड़ा के जीजीआई से की। पहली बार 1986 में उच्च न्यायिक सेवा (एचजेएस) की परीक्षा दी और सलेक्शन हो गया। पिता वकालत करते थे और वे चाहते थे कि बेटी न्यायिक सेवा में योगदान दे। वकालत के दौरान 1984 से 90 तक महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के लिए गांवों में जागरूकता शिविर आयोजित किए, तब महिलाएं अधिकारों के लिए न्यायालय के दरवाजे तक आने लगी। गरीब महिलाओं को वकील होने के नाते न्यायालय में पैरवी कर उन्हें न्याय दिलाया।
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