चंबा। कांची कामकोटि मठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती के बुधवार को कांचीपुरम चेन्नई में ब्रह्मलीन हो गए। उनके ब्रह्मलीन होने पर संत समाज और स्थानीय लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य महाराज ने देशभर में गरीब और निचले तबके के लोगों के जीवन में सुधार के लिए सराहनीय कार्य किया था। संत सम्मान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगी राकेश नाथ ने कहा कि शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती वेदों के अच्छे ज्ञाताओं में से एक थे। उन्होंने गरीब और निचले तबके के लोगों के लिए स्कूल और अस्पताल खोलकर बड़ा काम किया था। उत्तराखंड विद्वत सभा के पूर्व अध्यक्ष उदय शंकर भट्ट ने कहा कि समाज कल्याण और अध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए शंकराचार्य का नाम हमेशा स्मरण किया जाएगा। इस मौके पर इंद्रपाल सिंह परमार, मोहन सिंह कुमाई, विजेंद्र धनोला, मोहन सेमवाल आदि मौजूद थे।