नई टिहरी। टिहरी बांध की झील में साहसिक खेलों की अपार संभावनाएं हैं। वर्तमान में झील में व्यवसाय बोटिंग, जेटस्की का लुत्फ उठाने के लिए काफी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। उन्हें स्थानीय लोग बोटिंग से लेकर अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाकर स्वरोजगार कर रहे हैं। ऐसे में यदि झील में सी-प्लेन उतरते हैं, तो पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होगा।
वर्ष 2005 में बनी झील में अपेक्षा के अनुरूप कुछ खास गतिविधियां नहीं हो पाई है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने टिहरी बांध की झील को पर्यटन डेस्टिनेशन बनाने को वर्ष 2015 में एअर क्राफ्ट उतारने की कवायद शुरू की थी। पहले दौर में ऋषिकेश चीला बैराज से टिहरी बांध की झील में दो सीटर एअर क्राफ्ट झील में उतारने की योजना थी, बावजूद तत्कालीन सरकार की योजना परवान नहीं चढ़ पाई। अब केंद्र एवं राज्य सरकार ने झील में सी-प्लेन उतारने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। 42 वर्ग किमी में फैली झील में छोटे से लेकर बड़े सी-प्लेन के लिए काफी संभावनाएं है। झील में पर्याप्त स्थान होने के साथ ही शानदार पर्यटन स्थल भी है। वर्तमान में झील में काफी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं, जिनके लिए झील में मोटर बोट, वाटर स्कूटर, बनाना बोट, जेटस्की समेत 50 से अधिक छोटी-बड़ी बोटें संचालित की जा रही है। सी-प्लेन उतरने की योजना सफल रहीं, तो जहां लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, वहीं देशी-विदेशी पर्यटक भी झील के दीदार को पहुंचेंगे।