नई टिहरी। गोपाल गोलोक धाम संवर्द्धन समिति की बैठक में गो भक्तों ने केंद्र सरकार की निंदा की। कहा कि सरकार के इशारों पर गोपालमणी महाराज और अन्य गो भक्तों के साथ पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 18 फरवरी को दिल्ली में शांतिपूर्ण आंदोलन किया जा रहा था, लेकिन सरकार के इशारों पर आंदोलन को कुचलने के लिए गोपालमणी, महिलाओं से लेकर बुजुर्गों के साथ धक्का-मुक्की की गई।
बैठक में गो भक्तों ने कहा कि गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने, अलग गो मंत्रालय बनाने, गाय के गोबर को खाद, गोबर गैस के रूप में इस्तेमाल करने, दस साल तक के प्रत्येक बच्चे को भारती नस्ल की गाय का दूध अनिवार्य रूप से देने समेत पांच सूत्री मांग को लेकर गोपालमणी वर्षों से आंदोलन चला रहे हैं। केंद्र सरकार ने पूर्व में समस्याओं के निराकरण का भरोसा भी दिया था, लेकिन चार साल का कार्यकाल गुजरने पर भी समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा है। कहा कि 18 फरवरी को रामलीला मैदान में गोपालमणी को महात्मा गांधी की समाधि स्थल राजघाट नहीं जाने दिया गया। कहा कि अब गो भक्त घर-घर जाकर केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष चंडी प्रसाद भट्ट, गोपल रतूड़ी, घनश्याम डोभाल, सरोजनी चमोली, प्रेमलत्ता गुसाईं, बीना रावत, उषा नेगी, सुबोधा चौहान आदि मौजूद थे।