चंबा (टिहरी)। एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर चंबा ब्लॉक के सैकड़ों पशुपालकों को पिछले तीन माह से दूध का भुगतान नहीं हो पाया है। समय पर भुगतान नहीं होने से महिलाओं की अर्थव्यवस्था गड़बड़ा गई है।
टिहरी दुग्ध संघ ग्रामीणों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से गांव-गांव में समिति बनाकर दूध एकत्रित करती है। चंबा क्षेत्र के जल्डीयाल गांव, मुंडाण गांव, स्वाड़ी, कुड़ियाल गांव, पलास, सुदाड़ा, नैल, नकोट, सिलकोटी, मंजियाड़ गांव, गुरियाली, जौल, भंडारगांव, देवरी, बटखेम सहित कई गांवों में समिति के माध्यम से दूध एकत्र कर दुग्ध संघ को सप्लाई दी जाती है, लेकिन दो-तीन माह से आंचल दुग्ध संघ ने सैकड़ों दुग्ध उत्पादकों को लाखों का भुगतान नहीं किया है। इसके चलते ग्रामीणों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। पशुपालन से अधिकांश महिलाएं जुड़ी हुई हैं। पशुपालक दिला देवी, मुन्नी देवी, सरिता देवी, सुशीला देवी ने बताया कि उनकी आय का जरिया दूध ही है, लेकिन तीन माह से दूध का भुगतान नहीं मिल पाया है। संजय मैठाणी, मनीष बडोनी, सोबन सिंह का कहना है कि संघ की लापरवाही के कारण दुग्ध उत्पादकों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
इन दिनों दूध की डिमांड कम होने के कारण रोजाना करीब 1700 लीटर दूध देहरादून दुग्ध संघ को भेजा जा रहा है, लेकिन देहरादून दुग्ध संघ से समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण दुग्ध उत्पादकों का दिसंबर का भुगतान बकाया है।
-एके सिंह, प्रभारी प्रबंधक टिहरी दुग्ध संघ।