नई टिहरी। टिहरी बांध से प्रभावित अगल-अलग ग्रामीण बाजारों के व्यापारियों ने 11 वर्ष बाद भी भूखंड आवंटन न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। व्यापारियों ने कहा कि दुकानें ही उनकी आजीविका का साधन थी, जो झील में समा चुकी है। ऐसे में उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। भूखंड से वंचित 24 व्यापारियों ने आठ फरवरी को जिला मुख्यालय नई टिहरी में बैठक कर आंदोलन की चेतावनी दी।
टिहरी बांध की झील में सिरांई, मालीदेवल, पलास, छाम, घोंटी, छाम गोरण आदि ग्रामीण बाजार डूब चुके हैं। पुनर्वास निदेशालय ने डोबरा में प्रभावितों को भूखंड उपलब्ध करवाने को 250 नाली उपलब्ध कराई थी। इस भूमि पर 116 लोगों को व्यावसायिक भूखंड दिए गए, लेकिन 24 दुकानदारों को अभी तक कोई भूखंड नहीं दिया गया। पीड़ित व्यवसायियों का कहना है कि पुनर्वास विभाग अब भूमि न होने का बाहना बनाकर उन्हें नकद प्रतिकर देने की बात कह रहा है। पुनर्वास निदेशक, सीएम को ज्ञापन भेजने वालों में भाग सिंह बिष्ट, सोबत सिंह, सुशील कुमार, रतन बिष्ट, सुरेंद्र बिष्ट, धर्म सिंह राणा, राजेंद्र दत्त, अनिल कुमार, सुमेर सिंह, शूरवीर सिंह, अजय सिंह, विजय प्रकाश, राधाराम रतूड़ी, अमरा देवी, बचन सिंह, जयेंद्र सिंह आदि शामिल थे।