नई टिहरी। बीएसएफ (बार्डर सिक्योरिटी फोर्स) और बीजीए (बार्डर गार्ड बांग्लादेश) के 10 सदस्यीय टीम ने टिहरी बांध की झील का निरीक्षण कर झील में वाटर स्पोर्ट्स संबंधी खेलों का प्रशिक्षण लिया। टीम ने टिहरी झील को साहसिक खेलों का हब बताया। कहा कि यदि सरकार इसे और विकसित करेगी, तो भविष्य में देश-विदेश के सैलानियों और एडवेंचर प्रेमियों के लिए यह स्थान पहली पसंद होगा।
बांग्लादेश की बीजीए फोर्स 19 से 30 जनवरी तक डोईवाला के बीआईएएटी (बीएसफ इंस्टीट्यूट ऑफ एडवेंचर एडवांस इंस्टीट्यूट) में साहसिक प्रशिक्षण एक्सचेंज प्रोग्राम में बीएसएफ के साथ साझा प्रतिभाग कर रही है। कार्यक्रम के तहत दोनों देशों की यह फौज विभिन्न साहसिक प्रशिक्षणों को अंजाम देगी। इसी कड़ी में गणतंत्र दिवस पर 10 सदस्यीय दल ने कोटी कालोनी में टिहरी झील का भ्रमण किया। बीएसएफ के डीआईजी एमएल गर्ग ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से जहां आधुनिक प्रशिक्षण मिलता है, वहीं दोनों देशों के बीच सामरिक रिश्ते भी मजबूत होते हैं।
जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा ने टिहरी झील के बारे में टीम को बताया कि 42 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली झील में केंद्र और राज्य सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की हैं। उन्होंने फ्लोटिंग मरीना, फ्लोटिंग हट्स, बार्ज बोट और एशिया के सबसे बड़े निर्माणाधीन संस्पेशन डोबरा-चांठी पुल के बारे में भी बताया। टीम के सदस्यों ने पैरा ग्लाईडिंग, क्याकिंग, बोटिंग, जेट स्कीईंग का सफल प्रशिक्षण किया। टीम में बीएजी के लेफ्टीनेंट इब्राहिम हुसैन, सेंदुल हुसैन, इमरान खान, बीएसफ के कमांडेंट बीआईएएटी डोईवाला के आरके नेगी, डिप्टी कमांडेंट मनोज पैन्यूली, भूपेंद्र रावत, राहुल, राजेश बडोला, मेडिकल आफिसर लक्ष्मण सिंह आदि शामिल थे।