नई टिहरी। जंगलों में बिखरा पड़ा पिरुल अब बेकार नहीं जाएगा, बल्कि महिला मंगल दलों के लिए आर्थिक समृद्धि का द्वार खोलेगा। हैदराबाद की सूर्या एग्रो कंपनी पिरुल से प्लाइवुड तैयार करेगी। प्लाइवुड तैयार करने के लिए पिरुल का पाउडर बनाने के लिए टिहरी जिले के नागणी में मशीनें लग चुकी है। स्वरोजगार की इस नई मुहिम को शुरू करने के लिए वन विभाग और कंपनी के बीच अनुबंध हो चुका है।
पिरुल से प्लाइवुड तैयार करने का रानीचौरी में स्थित राड्स संस्था और हैदराबाद की सूर्या एग्रो कंपनी ने पूरा खाका तैयार कर लिया है। सबसे पहले पिरुल से नागणी में पाउडर तैयार किया जाएगा। पाउडर बनाने के लिए नागणी में 60 लाख की मशीनें लगाई गई है। राड्स संस्था और सूर्या एग्रो कंपनी महिला मंगल दलों से तीन रुपये 50 पैसे प्रति किलो के हिसाब से पिरुल क्रय करेगी। उसके बाद राड्स संस्था नागणी में पिरुल से पाउडर तैयार कर उसे 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से सूर्या एग्रो कंपनी को सप्लाई करेगी। पिरुल का पाउडर बनाने के लिए आठ लोगों को कंपनी ने नागणी फर्म में तैनाती भी दे दी है। राड्स संस्था के अध्यक्ष सुशील बहुगुणा ने बताया कि वन विभाग और कंपनी से इसका अनुबंध हो चुका है। महिला मंगल दल से जुड़ी महिलाएं अपने गांव के जंगल से पिरुल एक निर्धारित स्थान पर एकत्रित करेंगी। कंपनी का वाहन पिरुल लेने उस स्थान तक जाएगा। पिरुल की धनराशि महिला मंग दल के खाते में जमा की जाएगी।