नई टिहरी/घनसाली। बड़ी निविदाओं और ई-टेंडरिंग निरस्त करने की मांग को लेकर आंदोलनरत ठेेकेदारों का बृहस्पतिवार को नई टिहरी और घनसाली में गुस्सा फूट पड़ा। घनसाली में ठेकेदारों ने लोनिवि, जल निगम, जल संस्थान, सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और नई टिहरी में लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी के कार्यालय में तालाबंदी कर गुस्से का इजहार किया। उन्होंने प्रदेश सरकार पर तानाशाही होने का आरोप लगाया। जल्द समस्या समाधान न होने पर 30 जनवरी को सीएम आवास का घेराव करने की चेतावनी दी। तालाबंदी करने वालों में संगठन के जिलाध्यक्ष कुशाल सिंह नेगी, जिला संयोजक दिनेश चंद रमोला, वीरेंद्र पंवार, ध्यान सिंह रावत, धनवीर भंडारी, राजपाल पंवार, दर्मियान राणा, प्यार सिंह, वीर सिंह, जसवीर नेगी, लोकेंद्र रावत, विजय रावत, भरत सिंह, छवि राम जोशी, मुरलीधर सेमवाल, महाजन पंवार, रोशन चौहान, गोपाल सिंह व पृथ्वी रमोला आदि शामिल रहे।
ठेकेदारों ने लोनिवि व सिंचाई विभाग में की तालाबंदी
रुद्रप्रयाग/ऊखीमठ। ई-टेंडरिंग के विरोध में ठेकेदार संघ ने रुद्रप्रयाग व ऊखीमठ में लोनिवि और सिंचाई विभाग के कार्यालयों में तालाबंदी की। कहा कि सरकार ने ई-टेंडरिंग का फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन तेज करने के साथ ही 30 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास का घेराव भी किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को जिलाध्यक्ष सूरत सिंह राणा के नेतृत्व में ठेकेदार संघ ने लोनिवि के प्रांतीय खंड कार्यालय पर नारेबाी के साथ तालाबंदी की। इस दौरान उनकी अधीक्षण अभियंता के साथ तीखी नोंकझोंक भी हुई। बाद में सिंचाई विभाग में भी तालाबंदी की गई। उधर, ऊखीमठ में भी केदारनाथ लोक निर्माण ठेकेदार संघ ने लोनिवि व सिंचाई विभाग के कार्यालय में तालाबंदी कर ई-टेंडरिंग का विरोध किया। इस मौके पर भारत भूषण भट्ट, रमेश बेंजवाल, जसपाल सिंह, बरदीप जग्गी, नागेंद्र पंवार, नागेंद्र बिष्ट, शत्रुघ्न सिंह नेगी, कुंवर सिंह नेगी, कुलदीप सिंह, जय सिंह, नरेंद्र पंवार, आंनद सिंह, लल्लन यादव, हरिहर रावत आदि मौजूद थे।
ठेकदारों ने सरकारी कार्यालयों पर जड़े ताले
श्रीनगर/ कीर्तिनगर। अलकनंदा कांट्रेक्टर कल्याण समिति श्रीनगर व ठेकेदार संगठन कीर्तिनगर की ओर से ई-टेंडरिंग व्यवस्था के खिलाफ सरकारी कार्यालयों पर तालाबंदी की गई।
बृहस्पतिवार को ठेकेदारों की ओर से लोनिवि, पीएमजीएसवाई, पेयजल निगम, जल संस्थान, एनएच निर्माण खंड व सिंचाई विभागों के कार्यालयों पर ताले जड़े गए। बाद में पुलिस ने कार्यालयों पर लगाए गए ताले खोले। ठेकेदारों ने कहा कि सरकार ने ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू कर छोटे ठेकेदारों को बेरोजगार कर दिया है। कहा कि ठेकेदारी पर निर्भर यहां के हजारों युवा बेरोजगार हो चुके हैं। इस मौके पर अलकनंदा कांट्रेक्टर कल्याण समिति के अध्यक्ष बुद्धि सिंह रावत, वृजमोहन भट्ट, सुखदेव पंत, दिनेश चंद्र, विजय चंदोला, गजेंद्र कंडारी, जगदीश भट्ट, चंद्रभानू बिष्ट, मोहनचंद्र गायत्री व कीर्तिनगर संगठन के डा. प्रताप भंडारी, किशोर पोखरियाल, चिरंजी लाल पुंडीर, शीशपाल कुमाईं आदि मौजूद थे।