नई टिहरी। सड़क निर्माण के लिए वन भूमि हस्तांतरण के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए डीएम सोनिका ने लोनिवि और पीएमजीएसवाई को लंबित मामलों के प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई ऑनलाइन हो रही है, जिस स्तर पर आपत्तियां लगाई गई हैं। उनके निस्तारण में तेजी लाएं।
समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि जिन मार्गों की थोड़ी सी मरम्मत के बाद यातायात सुचारु हो सकता हैं, उन पर शीघ्र कार्रवाई करें। नरेंद्रनगर लोनिवि के ईई ने बताया कि गजा-तिमली-मंज्याणी को जोड़ने वाले मोटरमार्ग का चार किमी शेष कार्य मार्च 2018 तक तैयार हो जाएगा, जिससे पावकी देवी की दूरी भी घट जाएगी। डीएम ने ठांगधार-अग्यारना-कांडीखाल सड़क का शेष कार्य जल्द पूरा कर आवागमन शुरू कराने को कहा। उन्होंने पीएमजीएसवाई को घनसाली के रीह-गंगी, जौनपुर में सकलाना के मरोड़ा पुल से बनाली सड़क निर्माण में गति लाने, मुनीकीरेती में कैलाश गेट-स्वर्गाश्रम को जोड़ने वाला पुल जल्द तैयार करने, देवप्रयाग की भासौं-पौड़ीखाला और रौड़धार-कफलना मार्ग के वन भूमि हस्तांतरण के लंबित मामले जल्द निपटाने के निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि वन भूमि के 116 मामले ऑनलाइन किए जाने थे, जिसमें से मात्र 105 मामले ऑनलाइन किए गए हैं। इनमें से 32 प्रकरणों पर सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। बैठक में एसई एनपी सिंह, डीएफओ डा. कोको रोसो, ईई केएस नेगी, एमए खान, जगमोहन चौहान, एनएल वर्मा और आरके सिंह आदि मौजूद थे।