नई टिहरी। केंद्र सरकार के संकल्प से सिद्धी कार्यक्रम के तहत 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने लिए न्याय पंचायत स्तर तक माइक्रोप्लान तैयार किया जा रहा है। बुधवार शाम कलक्ट्रेट सभागार में कृषिक वैज्ञानिक कार्यशाला आयोजित हुई, जिसमें कृषि, उद्यान और कृषि शिक्षामंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि अधिकारी कृषकों के साथ मित्रवत व्यवहार कर उन्हें हरसंभव मदद प्रदान करें। इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जहां कड़ी कार्रवाई की जाएगी, वहीं बेहतर काम करने पर पुरस्कृत भी किया जाएगा। उन्होंने किसानों की मांग पर जिला मुख्यालय में किसान भवन बनाने की घोषणा की है।
कृषक कार्यशाला में कृषि मंत्री ने कहा कि काश्तकारों को सुविधा प्रदान कर उनके उत्पादन का उचित मूल्य दिलाने के लिए 15 सेक्टरों का संयुक्त समन्वय बनाकर नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं, जो चिह्नित कलस्टरों में उत्पादित फसलों की बिक्री की सुविधा प्रदान करने की योजना तैयार करेंगे। किसानों को खाद, बीज और कृषि उपकरण समय पर देने के निर्देश भी दिए गए। योजना को सफल बनाने के लिए हर ब्लॉक में 40 कलस्टर बनाएं जाएंगे, जिसमें क्षेत्र के 80 गांव जोड़े जाएंगे। कृषि मंत्री ने कहा कि पलायन रोकने में कृषि और उद्यान विभाग अहम भूमिका निभा सकता है। काश्तकारों की आय दोगुनी करने के लिए मशरूम, रेशम, जड़ी-बूटी, मौन पालन, डेरी, बकरी और मत्स्य पालन विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। सचिव कृषि, उद्यान डी सेंथिल पांडियन ने कहा कि अधिकारी चयनित कलस्टरों में जाकर काश्तकारों की समस्याओं का निदान करेंगे। काश्तकारों ने जंगली जानवरों से निजात दिलाने, सिंचाई और विपणन की व्यवस्था कराने और नगरीय और गांव स्तर पर हाट स्थापित करने की मांग की। डीएम सोनिका ने बताया कि चंबा, तपोवन, कीर्तिनगर और घनसाली में किसान विक्रय केंद्रों की स्थापना की जा रही है। कार्यशाला में अपर सचिव कृषि रामविलास यादव, कृषि निदेशक गौरी शंकर, सीडीओ आशीष भटगांई आदि मौजूद थे।