नैनबाग (टिहरी)। जौनपुर ब्लॉक के ग्राम मौगी में साढ़े तीन साल पहले पंचायत चुनावी रंजिश को लेकर दो धड़ों में बंटे गांव के युवाओं ने दोनों पक्षों के बीच एका कराने का सराहनीय प्रयास किया है। आपसी सुलह समझौते के बाद दोनों पक्षों ने न्यायालय से भी वाद वापस ले लिया है।
जून 2014 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान मौगी गांव के लोगों में आपसी विवाद हो गया था। चुनावी रंजिश इस कदर बढ़ गई थी कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज तक करा दिया था। इससे जहां गांव का सौहार्द खराब हो रहा था, वहीं विकास कार्य भी बाधित हो रहे थे। दोनों पक्षों के बीच बढ़ती तल्खी को कम करने के लिए गांव के युवाओं ने आगे आकर गांव में बुधवार शाम सामूहिक बैठक बुलाई। जिसमें गांव के जनप्रतिनिधियों सहित सभी ग्रामीणों को बुलाया गया। दोनों धड़ों के बीच हुई बातचीत में विवाद को भुलाकर गांव के विकास में भागीदारी बढ़ाने पर सहमति जताई गई। समझौता बाकायदा लिखित में किया गया, जिसमें तय किया गया कि गांव में जो भी विकास कार्य कराए जाएंगे उसका लेखा-जोखा खुली बैठक में सबकी उपस्थिति में रखा जाएगा।
पंचों के बीच समझौता होने के बाद दोनों पक्षों ने बृहस्पतिवार को जिला न्यायालय में भी समझौता पेश करते हुए अपने वाद वापस ले लिए। प्रधान सोनिका ने कहा कि सबने कटुता भुलाकर एकजुटता से रहने पर सहमति जताई है। दूसरे पक्ष के सोबत सिंह रावत ने कहा कि ग्रामीणों ने आपसी कटुता भुलाकर गांव के विकास में भागीदार बनने का निर्णय लिया है। बैठक में रणवीर सिंह रावत, हरदेव कुमाईं, मनवीर सिंह, रणजीत सिंह, सोबत सिंह रावत, चौन सिंह, दीवान सिंह, विक्रम सिंह, सरदार सिंह, उम्मेद सिंह, जगमोहन सिंह, जशवीर सिंह, टीकम सिंह रावत आदि मौजूद थे। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्याम सिंह पंवार व सदस्य अमेंद्र बिष्ट, किशन सिंह कैंतुरा, ने कहा कि अन्य गांव के लोगों को भी मौगी से प्रेरणा लेनी चाहिए।