नैनबाग (टिहरी)। जौनपुर ब्लॉक में मसोन-कांडी-द्वारगढ़ 10 किमी मोटर मार्ग के चौड़ीकरण और डामरीकरण की मांग 30 साल बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। उत्तराखंड के पहले सीएम की घोषणा के बावजूद लोनिवि ने 10 किमी से आगे छह किमी भारी वाहन मार्ग का निर्माण तो कर दिया, लेकिन इससे पहले हल्का वाहन मार्ग आज तक चौड़ीकरण की बाट जोह रहा है।
वर्ष 1986 में यूपी सरकार में पर्वतीय विकास मंत्री रहे बर्फिया लाल जुवांठा ने मसोन-कांडी-द्वारगढ़ हल्का मोटर मार्ग के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की थी, जिस पर लोनिवि ने नैनबाग-घोड़ाखुरी-ऐंदी मोटर मार्ग पर मसोन बैंड से कोटी से आगे द्वारगढ़ तक 10 किमी हल्का मोटर मार्ग का निर्माण कराया था। उसके बाद वर्ष 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी ने मसोन-कांडी -द्वारगढ़ मोटर मार्ग का निरीक्षण करते हुए स्थानीय लोगों की मांग पर सड़क की लंबाई बढ़ाने के साथ ही पहले से बनी 10 किमी सड़क का चौड़ीकरण और डामरीकरण करने की घोषणा की थी, लेकिन विभागीय इंजीनियरों ने 10 किमी से आगे छह किमी भारी वाहन मोटर मार्ग का निर्माण तो कर दिया, लेकिन इससे पहले हल्का वाहन मार्ग का चौड़ीकरण नहीं कर पाए। राज्य आंदोलनकारी किशन सिंह कैंतुरा ने कहा कि राज्य बने 17 साल बाद भी समस्या जस की तस है। गजे सिंह पंवार ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के लिए लोनिवि को लिखते आ रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
10 किमी एलबीआर से भारी मोटर मार्ग परिवर्तन के 6.50 करोड़ के दो प्रस्ताव अगस्त में शासन को भेजा गया था, लेकिन अभी तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल पाई है। शासन से अनुमति मिलते ही मार्ग का चौड़ीकरण और डामरीकरण कार्य शुरू कराया जाएगा।
- रजनीश कुमार, ईई लोनिवि थत्यूड़।