नैनबाग (टिहरी)। मानदेय वृद्धि और बोनस की मांग को लेकर आंदोलनरत आशा कार्यकत्रियों ने शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नैनबाग में परिवार नियोजन शिविर नहीं लगने दिया। दूरदराज से शिविर में पहुंची महिलाओं को बैरंग लौटना पड़ा। आशा कार्यकत्रियों ने अस्पताल परिसर में तालाबंदी कर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ विरोध प्रदर्शन किया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नैनबाग में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिवार नियोजन शिविर का आयोजन किया गया था, लेकिन आशा कार्यकत्रियां शिविर के विरोध में मुख्य गेट पर तालाबंदी कर वहां धरने पर बैठ गई। शिविर में 24 महिलाओं ने पंजीकरण किया था, लेकिन आशाओं के विरोध के चलते शिविर का आयोजन नहीं हो पाया। जौनसार ग्राम डूंगरी निवासी अनीता देवी, कैंपटी ग्राम नौथा निवासी नीमा देवी, ग्राम मोगी की अनीता देवी, ग्राम कोटी की बिंद्रा देवी 40 किमी दूरी तय कर शिविर में पहुंची थी, लेकिन उन्हें निराश लौटना पड़ा। पुलिस चौकी प्रभारी एचएस आर्य और काननगो राय सिंह पंवार और शिविर में पहुंची डाक्टरों की टीम ने आशाओं को कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन आशाएं आंदोलन पर डटी रही। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती है, तब तक वे कार्य बहिष्कार करती रहेंगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नैनबाग के प्रभारी डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि तालाबंदी के चलते परिवार नियोजन शिविर का आयोजन नहीं हो पाया। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को सूचना भेज दी गई है। जल्द ही शिविर की अगली तिथि घोषित की जाएगी। तालाबंदी करने वालों में आशा संगठन की अध्यक्ष सुधा, सचिव अंजली देवी, मीना देवी, दीपिका, अनीता देवी, संगीता देवी, शर्मिला देवी, हेमलता, निशा, गुड्डी देवी, पिंकी देवी, सीता देवी व राजकुमारी आदि शामिल रही।