कंडीसौड़ (टिहरी)। नगुण पट्टी के ग्राम कटखेत के लिए बनाई गई डेढ़ करोड़ की पेयजल लाइन भ्रष्टाचार की भेेंट चढ़ गई। घटिया निर्माण कार्य और गलत एलाइनमेंट के कारण लाइन पर दो साल में दो माह ही पानी चल पाया है। मामला डीएम के संज्ञान में लाने पर अब जल संस्थान पानी पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
थौलधार ब्लॉक के ग्राम पंचायत कटखेत के लिए वर्ष 2015 में जल निगम ने एक करोड़ 48 लाख की लागत से 16 किमी लंबी पेयजल लाइन का निर्माण किया गया था। लाइन पूरी करने के बाद निगम ने आनन-फानन में योजना जल संस्थान को हस्तांतरित कर दी। उसके बाद से योजना पर मात्र दो माह ही पानी चल पाया है। सात-आठ महीने से जलापूर्ति पूरी तरह से ठप होने पर ग्रामीणों ने सात अक्तूबर डीएम से योजना के जांच की मांग की है। इस पर हरकत में आए जल संस्थान लाइन से पानी पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। गांव के अरविंद सिंह नेगी और लक्ष्मी प्रसाद जोशी ने बताया कि लाइन बनने के बाद गांव में दो माह ही पानी मिल पाया है। दबान भी मानकों के अनुरूप नहीं होने से जगह-जगह टूट रही है। कई बार पाइप फट जाते हैं। जल संस्थान के अवर अभियंता गिरीश सेमवाल ने बताया कि लाइन का एलाइनमेंट गलत होने से दिक्कत आ रही है। शासन ने भी जहां जैसी है उसी स्थिति में लाइन को हस्तांतरित करने के आदेश पर ही संस्थान ने लाइन को हैंडओवर ली थी। बावजूद पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कोट
पेयजल लाइन जल संस्थान को हस्तांतरित करते समय पानी चल रहा था। अब कहीं टूट गई होगी तो संस्थान को उसकी मरम्मत करनी चाहिए।
-आलोक कुमार, ईई जल निगम चंबा।