कंडीसौड़ (टिहरी)। पत्नी की हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा काट रहे सत्ये सिंह ने तीन दिन की पैरोल मिलने के बाद शुक्रवार को अपने पिता स्व. अतर सिंह पडियार (70) को नगुण घाट में झील किनारे मुखाग्नि दी। बेटे के साथ सजा काट रही अतर सिंह की पत्नी ने भी पति के अंतिम दर्शन किए। आठ अक्तूबर को पैरोल समाप्त होने के बाद वह फिर से सुद्दोंवाला जेल चले जाएंगे।
थौलधार ब्लॉक के गैर गांव निवासी सत्ये सिंह की पत्नी की हत्या के मामले में सत्येसिंह और उसकी मां इंद्रा देवी आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। घर में अकेले रह रहे अतर सिंह ने तीन अक्तूबर को अंतिम सांस ली। इकलौते बेटे और पत्नी के जेल में होने से उनके अंतिम संस्कार के लिए दोनों की तरफ से पैरोल मांगी गई। जेल में सजा काट रहे मां-बेटा बृहस्पतिवार को पुलिस कस्टडी में गैर गांव अपने घर पहुंचे, तो गांव का माहौल और भी गमगीन हो गया। शुक्रवार को पुलिस कस्टडी में ही सत्ये सिंह ने अपने पिता की चिता को शाम चार बजे मुखाग्रि दी। इस दौरान वहां राजस्व पुलिस का भी पहरा रहा। क्षेत्र पंचायत सदस्य राम सिंह बुढाण ने बताया कि घर में किसी और सदस्य के नहीं होने से अतर सिंह पडियार के अंतिम संस्कार की सभी व्यवस्थाएं ग्रामीणों ने की।