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चार साल में ही दम तोडने लगी साढ़े चार करोड़ की योजना

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घनसाली (टिहरी)। साढ़े चार करोड़ की लागत से बनी छतियारा-सेंदुल पेयजल योजना चार साल में ही दम तोड़ने के कगार पर है। एक सप्ताह से छतियारा-सेंदुल पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति बंद पड़ी है, जिससे लाटा, चमियालागांव, बाजार, श्रीकोट, बेलेश्वर, चामा, सिल्यारा, केमरा और सेंदुल के लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है, लेकिन जल संस्थान के अधिकारी पानी की आपूर्ति बंद होने के मामले में जानबूझ कर अनजान बने हैं।
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बालगंगा घाटी की एक दर्जन गांवों के साथ कई शिक्षण संस्थाओं को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए चार वर्ष पूर्व चार करोड़ 65 लाख की लागत से छतियारा-सेंदुल पेयजल योजना का निर्माण किया गया था। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और मानकों के अनुरूप पेयजल योजना का निर्माण नहीं होने से हर माह पानी की आपूर्ति बाधित हो जाती है। मानकों के अनुरूप योजना निर्माण नहीं होने कारण मैन हेड तक पानी नहीं पहुंचने के कारण आपूर्ति नहीं हो पाती है, जिससे लाटा, चमियाला गांव, बाजार, श्रीकोट, बेलेश्वर, चामा, सिल्यारा, केमरा, सेंदुल गांव के साथ बाल गंगा महाविद्यालय, इंटर कालेज केमरा, लाटा और अन्य कई प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल के छात्रों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। अकेले बाल गंगा महाविद्यालय में आठ सौ से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन महाविद्यालय में योजना से पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक राणा, प्रदीप कुमार, उदय नेगी का कहना है कि योजना पर महीने में कभी-कभी ही पानी आता है। पिछले एक सप्ताह से पाइप लाइन पर पानी नहीं आ रहा है। छतियारा-सेंदुल पेयजल योजना निर्माण की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। जल संस्थान के ईई अभिषेक वर्मा का कहना है कि किसी भी व्यक्ति या उपभोक्ता ने पानी न चलने की शिकायत नहीं की है। लाइन चेक करने को कर्मियों को मौके पर भेजा जा रहा है।
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