घनसाली (टिहरी)। हाड़तोड़ मेहनत कर प्रगतिशील किसान चंद्र सिंह बिष्ट ने भिलंगना ब्लॉक के पांच हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित पिलखी नैल गांव में कीवी का उत्पादन कर किसानों को स्वरोजगार की नई राह दिखाई है। कीवी की मिठास क्षेत्र के लोगों को खूब भा रहा है, लेकिन कीवी की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध नहीं होने से लोग कीवी का उत्पादन करने के लिए हाथ आगे बढ़ाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
न्यूजीलैंड का फल कीवी भारत में सबसे पहले 1969 में लाया गया था, लेकिन जानकारी के अभाव में इसकी पैदावार नहीं हो पाई थी। यह तीन हजार फीट से पांच हजार फीट की ऊंचाई पर उगने वाला फल है। इस फल के पौधे को सबसे पहले वातावरण की अनुकूलता को देखते हुए तब 1985 में हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से शुरू किया गया था, लेकिन अब भिलंगना ब्लॉक के पिलखी नैल गांव निवासी प्रगतिशील किसान चंद्र सिंह बिष्ट (81) ने मेहनत और लगन से पांच हजार फीट की ऊंचाई पर कीवी का उत्पादन करके दिखाया है।
बिष्ट का कहना है कि कीवी के फलों को बाजार में उतारने के लिए सरकारी सहयोग और जंगली जानवरों से सुरक्षा के इंतजाम मिलता है, तो कई अन्य लोगों को इससे स्वरोजगार मिलेगा। बताया कि क्षेत्र के ग्यारहागांव, हिंदाव, नैल चामी, भिलंग बासर, बूढाकेदार आदि क्षेत्रों में कीवी का उत्पादन और भी अच्छा हो सकता है। बाजार में इस फल की कीमत 250 से 300 रुपये प्रति किलो है।